हाईकोर्ट ने श्रीनगर (गढ़वाल) के सुमाड़ी में एनआईटी कैंपस के स्थायी निर्माण के मामले में केंद्र सरकार से पूछा है कि वह सुमाड़ी में स्थायी कैंपस निर्माण को लेकर कितने दिन में फैसाल लेगी। हाईकोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। साथ ही, आईआईटी रुड़की और केंद्रीय लोक निर्माण विभाग की भूगर्भीय रिपोर्ट भी कोर्ट में पेश करने को कहा है।
मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खंडपीठ के समक्ष बुधवार को मामले की सुनवाई हुई। कॉलेज के पूर्व छात्र जसवीर सिंह ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि उनके कॉलेज को बने हुए नौ साल हो गए हैं लेकिन एनआईटी का स्थायी कैंपस अब तक नहीं बना है। छात्र लंबे समय से स्थायी कैंपस की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है।
याचिका में कहा गया कि छात्र जिस जगह पढ़ रहे हैं, वह बिल्डिंग पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। इस बिल्डिंग में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। याचिकाकर्ता का यह भी कहना था कि कैंपस की मांग के लिए प्रदर्शन के दौरान हादसे में एक छात्रा की मौत हो चुकी है, जबकि एक गंभीर रूप से घायल है, जिसका उपचार चल रहा है।
याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि राज्य सरकार और एनआईटी मिलकर छात्रा का इलाज करें। वहीं, हाईकोर्ट की खंडपीठ ने पूर्व में सरकार को आदेश दिए थे कि एनआईटी के स्थायी निर्माण को लेकर मैदानी और पहाड़ी क्षेत्र में चार जगह चिन्हित करें और उसकी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करें ताकि उन चारों में से एक जगह पर एनआईटी का निर्माण किया जा सके।