हाईकोर्ट ने मूक बधिर संवासिनी से दुष्कर्म के मामले में निचली अदालत से सजा पाए अभियुक्त समा निगार, किरण नौटियाल, अनिता मेंदोला, चंद्रकला क्षेत्री व ललित बिष्ट की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। न्यायमूर्ति एनएस धानिक की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
मामले के अनुसार अभियुक्त समा निगार, किरण नौटियाल, अनिता मेंदोला, चंद्रकला क्षेत्री व ललित बिष्ट ने हाईकोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। इस मामले में गठित एसआईटी ने 27 नवंबर 2015 को देहरादून में दोबारा एफआईआर दर्ज की थी।
इसमें मूक बधिर संवासिनी के साथ दुष्कर्म होने तथा गर्भवती होने पर गर्भपात करा देने के आरोप लगाए गए थे। सभी अभियुक्तों को निचली अदालत ने पांच साल की सजा सुनवाई थी। याचिकाकर्ताओं की ओर से इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए जमानत याचिका दायर की गई थी। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने जमानत प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर लिया।