उत्तरकाशी जिले के जखोल में हेलीपैड नहीं बन पाएगा। जिला प्रशासन की ओर से चयनित स्थान का पायलटों ने निरीक्षण कर चयनित स्थान को हेलिकॉप्टर की लैडिंग के लिए उपयुक्त नहीं पाया। अब सुनकंडी में हेलीपैड बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए त्रिवेंद्र सरकार ने जखोल में हेलीपैड बनाने की घोषणा की थी। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से चयनित स्थान का निरीक्षण कर पायलटों ने सुरक्षा के लिहाज से कई सवाल खड़े किए। जिस स्थान पर हेलीपैड प्रस्तावित किया गया था।
वहां पर हेलिकॉप्टरों की लैडिंग व टेक आफ करने में तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही थी। जिससे प्रशासन ने हेलीपैड के लिए सुनकंडी स्थान को प्रस्तावित किया है। सरकार की घोषणा में हो रही देरी पर शासन ने हेलीपैड के लिए जगह उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश में वर्तमान में 51 हेलीपैड, दो एयरपोर्ट और एक हवाई पट्टी है। अधिकतर हेलीपैडों में आधारभूत सुविधाएं विकसित न होने के कारण हेली सेवाओं का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। अब सरकार उड़ान योजना के तहत एविएशन कंपनी के साथ सीएसआर के माध्यम से हेलीपैडों को विकसित करने की योजना है।