स्वास्थ्य महानिदेशालय ने बांड की शर्तों का उल्लंघन करने वाले प्रदेशभर के 377 एमबीबीएस चिकित्सकों को नोटिस जारी किया है। महानिदेशालय ने उन्हें 21 दिनों के भीतर ड्यूटी ज्वाइन करने के निर्देश दिए हैं। ऐसा न करने पर विभाग बांड की शर्तों के अनुसार उनसे वसूली की कार्रवाई करेगा।
प्रदेश सरकार प्रत्येक वर्ष राज्य के मेडिकल कॉलेजों में कम फीस पर एमबीबीएस की पढ़ाई कराती है। पढ़ाई कराने वाले छात्रों को विभाग के साथ एक बांड पर हस्ताक्षर करना होता है, जिसके अनुसार वह कोर्स पूरा करने के बाद शुरुआती पांच साल तक प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में सेवाएं देंगे। ऐसा न करने पर वह कई गुना अधिक जुर्माना भरेंगे। पिछले करीब सात सालों के दौरान ऐसे सैकड़ों छात्र एमबीबीएस उत्तीर्ण हुए हैं, जिन्होंने बांड की शर्तों का पालन नहीं किया।
इनमें से कुछ पीजी की पढ़ाई कर रहे हैं। कुछ ने जुर्माना भी जमा करवा दिया है। वहीं कुछ ऐसे भी चिकित्सक हैं, जिन्होंने स्वास्थ्य विभाग की स्थायी सेवा ज्वाइन कर ली है। इसके अलावा बड़ी संख्या में चिकित्सक पांच साल की सेवा पूरी भी कर चुके हैं लेकिन करीब 377 चिकित्सक ऐसे हैं जो बांड की शर्तों का पालन नहीं कर रहे हैं।
पहले भी नोटिस जारी कर ड्यूटी ज्वाइन करने को कहा गया था। उसके बावजूद जो चिकित्सक नहीं आए, उन्हें फिर चेतावनी जारी की गई है। इसके बाद हम चिकित्सा शिक्षा विभाग से वसूली की सिफारिश करेंगे।
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डॉ. ताराचंद पंत, स्वास्थ्य महानिदेशक