कोविड 19 से अभी निजात नहीं मिली है और स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग को चिंता सताने लगी है। स्वाइन फ्लू को लेकर प्रदेश की सवा करोड़ की आबादी का ब्योरा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजा है। स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए सबसे पहले स्वास्थ्य कर्मियों को प्रदेश में वैक्सीन लगाई जाएगी।
स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अमिता उप्रेती ने बताया कि स्वाइन फ्लू के लिए दवाएं मंगाई जा रही है। बड़ों के लिए टैमीफ्लू की टैबलेट और बच्चों के लिए सीरप मंगाया जाएगा। बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को प्रदेश की जनसंख्या का विवरण भेजा है। केंद्र की ओर से मानकों के अनुरूप दवा आएगी।
स्वाइन फ्लू को लेकर अस्पतालों से तैयारी करने का कहा गया है। सभी को आइसोलेशन वार्ड बनाने के आदेश दिए हैं। स्वास्थ्य निदेशक कुमाऊं डॉ. शैलजा भट्ट ने बताया कि बेस अस्पताल में दस बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया जाएगा।
इधर, एसटीएच के एमएस डॉ. अरुण जोशी ने कहा कि स्वाइन फ्लू को सैंपल लेने का तरीका भी कोविड की तर्ज पर है। इसमें भी पीपीई किट पहननी पड़ती है। बताया कि 50 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार कर लिया जाएगा।
पिछले तीन वर्षों में स्वाइन फ्लू के केस
- जिले में वर्ष 2017 में स्वाइन फ्लू के 26 मामले आए और आठ पॉजिटिव निकले।
- जिले में वर्ष 2018 में स्वाइन फ्लू के 22 मामले आए और 04 पॉजिटिव निकले।
- जिले में वर्ष 2019 में स्वाइन फ्लू आठ केस आए और सभी निगेटिव निकले।