दस्तोवजों की जांच में खुलासा हुआ कि कंपनियां राज्य परमिट के वाहनों से अंतरराज्यीय ट्रांसपोर्ट कर रही थीं और पंजाब व हरियाणा से माल की सप्लाई दिखाई गई। ई-वे बिल पोर्टल पर एक ही दिन में उन वाहनों पर कई ई-वे बिल बनाए गए। माल वाहक वाहन एक हजार किलोमीटर की दूरी 15 से 17 घंटे में पूरी कर रहे थे।
प्रारंभिक जांच में छह करोड़ जीएसटी चोरी का खुलासा हुआ है। इसमें 3.67 करोड़ की राशि कंपनियों ने जमा करा दी है। इसके अलावा 2.41 करोड़ के आईटीसी क्लेम वापस किए। कंपनियों के दस्तावेज जांच के लिए जब्त किए गए। कार्रवाई में उपायुक्त विनय पांडे, अर्जुन राणा, सुरेश कुमार, नेहा मिश्रा, सहायक आयुक्त टीका राम, नितिका, मनमोहन असवाल समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।