राज्यपाल के निर्देश के बाद अतिरिक्त 12 नए निशुल्क जांच केंद्र भी स्थापित किए जा रहे हैं। जनपद देहरादून में 60 हजार से भी ज्यादा घरों में डेंगू का लार्वा पनपने के स्थानों को नष्ट किया गया तथा लोगों को जागरूक किया गया। डेंगू प्रभावित हल्द्वानी, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के शहरों में भी लार्वा नष्ट करने और जागरुकता के कार्य किए जा रहे हैं।
जनपद देहरादून एवं जनपद नैनीताल में डेंगू रोग के बढ़ते हुए प्रभाव को देखते हुए दोनों ही जनपदों में दो-दो अतिरिक्त अपर मुख्य चिकित्साधिकारियों की नियुक्ति की गई है। बताया कि ब्लड बैंकों से प्लेटलेट्स की पर्याप्त आपूर्ति की जा रही है।
देहरादून में 2098, हरिद्वार में 104, नैनीताल में 958, पौड़ी में 12, टिहरी में 15, ऊधमसिंह नगर में 72, अल्मोड़ा में 8, चंपावत और रुद्रप्रयाग में एक-एक डेंगू के मामले दर्ज हुए हैं। प्रदेश में डेंगू से अभी तक कुल पांच लोगों की मृत्यु हुई है। पूरे प्रदेश में अस्पतालों में 315 आइसोलेशन बेड उपलब्ध हैं।