उत्तराखंड के छठे राज्यपाल के तौर पर डॉ. कृष्णकांत पॉल ने बृहस्पतिवार को शपथ ली। उच्च न्यायालय के कार्यवाहक न्यायमूर्ति वीके.बिष्ट ने दोपहर 12 बजे उन्हें शपथ दिलाई।
शपथ ग्रहण और संबोधन के बाद राज्यपाल ने सेना के सिख रेजीमेंट द्वारा दिए गए सम्मान गार्ड का निरीक्षण किया। शपथ ग्रहण से पूर्व मुख्य सचिव एन. रविशंकर ने भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की ओर से जारी नियुक्ति अधिपत्र पढ़कर सुनाया।
समारोह में मुख्यमंत्री हरीश रावत, मंत्रिमंडल के कई सदस्य, विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, तरुण विजय, विधायक उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्य, लोक सेवा अभिकरण, लोकायुक्त, राज्य सूचना आयोग, विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक संस्थाओं के प्रमुख व अधिकारियों ने राज्यपाल को शुभकामनाएं दी।
पहली बार किसी राज्यपाल ने किया संबोधित
राज्यपाल डॉ. कृष्णकांत पॉल ने एक नई परंपरा शुरू की तो सालों पुरानी चली आ रही परंपरा तोड़ी भी है। बतौर राज्यपाल पहली बार किसी ने शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद लोगों को संबोधित किया। हालांकि डॉ. पॉल ने पूर्वोत्तर राज्यों में शपथ के बाद ऐसा किया था।
वहीं राज्यपाल के आगे लगने वाले महामहिम संबोधन को समाप्त कर दिया। छठे राज्यपाल ने इसकेलिए माननीय राज्यपाल संबोधन कहलाने का फैसला लिया है। अब केवल विदेशी मेहमानों के सामने ही उन्हें महामहिम संबोधित किया जाएगा।
राज्यपाल ने अपने संबोधन के माध्यम से अपना एजेंडा भी सरकार के सामने स्पष्ट कर दिया है। उनके संबोधन में इस बात की भी झलक मिली कि जल, जमीन और जंगल वाले राज्य को वे बेहतर ढंग से समझकर आए हैं।
प्रदेश सरकार पर जताया भरोसा
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में विकास की अपार संभावनाएं एवं क्षमताएं हैं। इसके वन, जल संसाधन, खनिज संपदा तथा प्राणपोषक जलवायु यहां के लोगों की क्षमता से मिलकर राज्य की अर्थव्यवस्था, विज्ञान, तकनीकी को ज्ञानवान समाज के निर्माण की दिशा में प्रेरित कर सकते हैं।
यहां की भौगोलिक परिस्थितियों से वाकिफ राज्यपाल ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं और प्रदूषण की दृष्टि से संवेदनशील तथा चुनौतीपूर्ण राज्य होने के कारण यहां पर निरंतर सजग और सतर्क रहने की भी आवश्यकता है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास तथा पुनर्निर्माण के कार्यों में पर्यावरण और स्थानीय आवश्यकता के बीच संतुलन भी अपेक्षित है।
राज्यपाल ने प्रदेश सरकार पर भरोसा जताते हुए कहा कि कहा कि मुझे विश्वास है कि राज्य सरकार इस दिशा में पहले से ही कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए हमें शासन को पारदर्शी और जवाबदेही के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। खासकर गरीबों के हित सर्वोच्च होने चाहिए।
कहा, देवभूमि में प्रवेश कर हो रहा गर्व
उन्होंने कहा कि पावन भूमि पर प्रवेश करते हुए मुझे अत्यंत गर्व का आभास हो रहा है। उत्तराखंड एक सुंदर राज्य है। नैनीताल और देहरादून राजभवन, जो पहले सर्किट हाउस के रूप में जाना जाता था इनका एक समृद्ध इतिहास है। हम सब मिलकर देवताओं की इस पावन भूमि के लिए कार्य कर इसे विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएं।
अफसरों से 12 को मिलेंगे राज्यपाल
राज्यपाल डॉ. केके पॉल की प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ शिष्टाचार भेंट 12 जनवरी को होगी। इसके लिए दोपहर 12 बजे का समय निर्धारित हुआ है। मुख्य सचिव एन रविशंकर ने सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, प्रभारी सचिवों से राजभवन में उपस्थित होने को कहा है।