शहरों को संवारने के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) से 3720 करोड़ की राशि प्रदेश को जल्द मिल सकती है। इस राशि से सफाई प्रबंधन से लेकर ड्रेनेज सिस्टम, सौंदर्यीकरण-हेरिटेज, शहरी परिवहन जैसे कई अहम होंगे।
खास बात यह है कि पहली बार राज्य में सर्विस डक्ट सिस्टम को इंट्रोड्यूज करने की योजना है। इस सिस्टम में रोड के नीचे पानी-बिजली से लेकर सभी तरह की केबिल को सुनियोजित तरीके से बिछाने का प्लान है, ताकि बार-बार पब्लिक को असुविधा न हो। शहरी विकास विभाग और एशियन डेवलपमेंट बैंक के बीच इसको लेकर कई स्तर पर मीटिंग हो चुकी है। इसी सप्ताह नए प्लान के साथ एडीबी से फाइनल राउंड की बात होने जा रही है। इस प्लान में पांच कंपोनेंट रखे गए हैं।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट
solid waste managment
- इस कंपोनेंट में करीब 50 बडे़ शहर कवर होंगे, जिनमें सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का मॉडल ढांचा खड़ा किया जाएगा। एडीबी के पुराने प्रोजेक्ट के तहत जिन शहरों में काम नहीं हो पाया है, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। करीब 1000 करोड़ इस कंपोनेंट में खर्च किया जाना प्रस्तावित किया गया है।
अरबन ड्रेनेज सिस्टम
अरबन ड्रेनेज सिस्टम
- शहरों के बढ़ते दायरे के बीच डेनेज सिस्टम की कमी को प्रभावी ढंग से दूर करने की कोशिश रहेगी। इस कंपोनेंट में प्रारंभिक तौर पर दून, हरिद्वार, हल्द्वानी और काशीपुर जैसे बडे़ शहरों को लिया जाएगा। अन्य शहरों के लिए भी गुंजाइश रहेगी। करीब 1200 करोड़ का बजट इसके लिए प्रस्तावित किया गया है।
अरबन ट्रांसपोर्ट
अरबन ट्रांसपोर्ट
- शहरों में बेहतर ट्रांसपोर्ट सिस्टम डेवलप करने के लिए इस कंपोनेंट में व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। खास तौर पर ज्यादा से ज्यादा पार्किंग डेवलप करने का इरादा जाहिर किया गया है। इसके अलावा साइकिल ट्रेक समेत तमाम अन्य सुविधाओं को जमीन पर उतारा जाएगा। इस काम में 490 करोड़ का बजट खर्च करना प्रस्तावित है।
अरबन लैंड स्कैपिंग
अरबन लैंड स्कैपिंग
- इस कंपोनेंट में दो तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराने की मंशा सरकार ने प्रकट की है। एक, शहरों का सौंदर्यीकरण। दो, शहरों के हेरिटेज का संरक्षण। कुल मिलाकर कोशिश ये ही है कि शहर सुविधायुक्त तो हो ही, साथ ही खूबसूरत भी दिखे। इसके लिए 230 करोड़ का बजट खर्च होना प्रस्तावित किया गया है।
सर्विस डक्ट
मदन कौशिक
- फोटो : file photo
- दिल्ली के कनाट प्लेस की तरह इस सुविधा को शुरू करने का प्लान बनाया गया है। इसमें रोड के नीचे विभिन्न केबिल को एक साथ सुनियोजित तरीके से बिछाने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि रोड कटिंग या अन्य कारणों से बार-बार असुविधा न फैले। इसके लिए 800 करोड़ का खर्च प्रस्तावित किया गया है।
शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि हमने 3720 करोड़ का नया लोन प्लान तैयार कर लिया है। इसमें जरूरत के हिसाब से परिवर्तन की अब भी गुंजाइश है। मगर कोशिश ये ही है कि एडीबी से बड़ा लोन लेकर शहरों की कायाकल्प कर दी जाए। इसी सप्ताह एडीबी के साथ फाइनल राउंड की बात हम करने जा रहे हैं।