श्री बदरीनाथ जी की आरती की पांडुलिपी धन सिंह बर्तवाल ने लिखी है, इसकी पुष्टि कार्बन डेटिंग से हो गई है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास पर बर्तवाल के परिजनों ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पांडुलिपि की कार्बन डेटिंग होने से यह स्पष्ट हो गया है कि श्री बदरीनाथ जी की आरती स्व. धन सिंह बर्तवाल ने लिखी है। इस पांडुलिपि को संजोकर रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बर्तवाल जी के परिजनों ने इतनी पुरातन संपदा को संजोकर रखा, यह दूरदर्शिता का परिचायक है। धन सिंह बर्तवाल के परपोते महेंद्र बर्तवाल ने बताया कि उनके गांव स्युपुरी सतेरा में उनके घर में पांडुलिपि एक रिंगाल की कंडी में मिली। जिसमें सन 1881 (10 गते माघ संवत् 1938) में उनके परदादा ने लिखी। इस पांडुलिपि में श्री बदरीनाथ जी की आरती के 11 पद हैं। यूसैक के निदेशक एमपीएस बिष्ट ने कहा कि पांडुलिपि की कार्बन डेटिंग कराई गई है।