उत्तराखंड सरकार ने वर्ष 2016 में 75 हजार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा है। नए वर्ष की पूर्व संध्या पर जारी किए गए शुभकामना संदेश में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि असफलता के डर से ऊंची विकास दर के लक्ष्य को नहीं छोड़ा जा सकता है। युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराना प्रदेश सरकार का दायित्व भी है और कोशिश भी।
मुख्यमंत्री के मुताबिक इस लक्ष्य को पाने के लिए 2016 में अधिकतम नीतिगत फैसले रोजगार के दृष्टिकोण से लिए जाने का फैसला भी किया गया है। 2017 तक पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखंड को सर्वाधिक पसंद किया जाने वाला राज्य बनाने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है।
जनोन्मुखी पर्यटन रोडमैप पर काम शुरू कर दिया गया है। संस्कृति, शिल्प को इस अभियान से जोड़ा जा रहा है। वर्ष 2016 से सड़क में सुरंगों का भी प्रयोग किया जाएगा।
हर घर को मिलेगी 22 घंटे बिजली, और भी योजनाएं
दो हजार से अधिक लघु जलाशयों का निर्माण वर्ष 2016-17 का लक्ष्य है। पेयजल उपलब्धता बढ़ाई जाएगी और उद्योगों को 24 घंटे और सामान्य उपभोक्ताओं को 22 घंटा बिजली हर हाल में दी जाएगी। स्मार्ट टाउन और गांवों पर भी वर्ष 2016 में कार्य शुरू किया जाएगा।
प्रदेश की प्रतिवर्ष आय भी तेजी से बढ़ रही है। 2015 में कृषि विकास दर 4.76 प्रतिशत है। रोजगार सृजन में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
विकास योजनाओं पर अभी तक 5445 करोड़ रुपये खर्च हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 1000 करोड़ रुपये अधिक है। राजस्व के लिए 7125 करोड़ रुपये जुटा लिए गए हैं। मुख्यमंत्री की घोषणाओं के अनुपालन की स्थिति भी बहुत अच्छी है। बदले हुए राजनीतिक परिवेश में छोटे राज्यों और खासकर हिमालयी राज्यों के लिए आर्थिक संसाधनों की चुनौती पैदा हुई है।
सात प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि प्राप्त करने का लक्ष्य
उत्तराखंड के लिए और अधिक आर्थिक संसाधन जुटाना वर्ष 2016 में सबसे बड़ी चुनौती है। खेती, बागवानी और पशुधन विकास के क्षेत्र में विकास दर में सात प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि प्राप्त करनी है।
शिक्षा उन्नयन, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, शिल्प, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक उन्नयन वर्ष 2016 के लिए घोषित बड़े चुनौतीपूर्ण लक्ष्य हैं। कुछ संगठन गांव के विकास की बात कर रहे हैं। सरकार सात साल में पलायन को उलटने के लिए काम कर रही है।