उत्तराखंड सरकार हर साल ऐसे एक ज्योतिषी का सम्मान करेगी, जिसकी भविष्यवाणी सच साबित होगी।
सरकार राज्य में ज्योतिष परिषद बनाने के लिए कम कीमत पर जमीन भी मुहैया कराएगी। भविष्य में होने वाले ज्योतिष सम्मेलन का हिस्सा भी बनेगी।
यह घोषणाएं मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रविवार को अखिल भारतीय ज्योतिष सम्मेलन में की। उन्होंने यहां आए ज्योतिषियों का आभार जताते हुए उनसे उत्तराखंड के परिप्रेक्ष्य में भविष्यवाणी करने को कहा। मुख्यमंत्री कार्यक्रम के समापन पर पहुंचे थे।
गुरु कृपा ज्योतिष धाम की ओर से आयोजित एक दिवसीय निशुल्क अखिल भारतीय ज्योतिष सम्मेलन का शुभारंभ विशिष्ट अतिथि विधायक उमेश शर्मा काऊ ने किया। विधायक ने कहा कि ज्योतिष विद्या में बड़ी ताकत है।
ज्योतिष परिषद का होगा निर्माण
इस मौके पर भारतीय ज्योतिष परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष केए दुबे पद्मेश ने कहा कि अगर प्रदेश सरकार सस्ते दाम पर जमीन उपलब्ध करा देती है तो वह 17 अक्तूबर 2017 तक दून में ज्योतिष परिषद का निर्माण करा देंगे।
उनका कहना है कि उत्तराखंड में इसे अधिक बढ़ावा देने की जरूरत है ताकि आने वाली पीढ़ी को ज्योतिष विद्या का ज्ञान हो सके। उन्होंने बताया कि तेरह से सोलह मार्च तक देहरादून में 61वां राष्ट्रीय महासम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें ज्योतिषियों के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर किया जाएगा।
कार्यक्रम में मेयर विनोद चमोली, कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल ने ज्योतिष विद्या से जुड़ी जानकारी रखी। इस अवर पर विख्यात ज्योतिषी केए दूबे पद्मेश ने ज्योतिषों को शॉल ओढ़ाकर और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में डॉ. लेखराज शर्मा, आचार्य राजेश सेमवाल, वैज्ञानिक डॉ गोपाल राजू, डॉ चंद्रशेखर शास्त्री, डॉ बुद्धिराजा, आचार्य किशोर घिल्डियाल, अरुण बंसल, डॉ सुरेंद्र शर्मा, रजनीश के शर्मा, पीसी राणा मौजूद थे।