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उत्तराखंड: बुग्यालों में रात्रि विश्राम से रोक हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएगी प्रदेश सरकार

Wed, 26 Jun 2019 08:36 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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प्रदेश सरकार नैनीताल उच्च न्यायालय के बुग्यालों में रात्रि विश्राम पर रोक के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी। वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने मंगलवार को विधानसभा में यह आश्वासन दिया। वे विपक्ष के कार्य स्थगन प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे।

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उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय में मजबूत पैरवी करने के  लिए पर्याप्त साक्ष्य संकलित किए जा रहे थे। पर्यटन विभाग और पशुपालन विभाग ने समय पर सूचना नहीं दी। अब सूचनाएं प्राप्त हो गई हैं। अब सरकार सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी दायर करेगी। मंत्री ने गलती स्वीकारी कि न्यायालय के फैसले को चुनौती देने के मामले में देरी हुई। 

उन्होंने सदन को यह जानकारी भी दी कि राफ्टिंग कैंप के लिए 13 वन क्षेत्रों में से पांच स्थानों पर वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय में विचाराधीन है। मंजूरी प्राप्त होते ही इको टूरिज्म कारपोरेशन इन्हें विकसित करेगा। 

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उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण में संतुलन बनाने के लिए पर्यावरण विकास समितियां भी बनाई जा रही है। इससे पूर्व पुरोला के कांग्रेस विधायक राजकुमार और केदारनाथ के विधायक मनोज रावत ने कहा कि बुग्यालों में रात्रि विश्राम पर रोक का फैसला 21 अगस्त 2018 को आ गया, लेकिन सरकार ने इस फैसले के खिलाफ एसएलपी दायर नहीं की।

रात्रि विश्राम पर रोक से ट्रैकिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों का रोजगार छिन गया है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार मलिन बस्तियों को बचाने के लिए विधेयक ला सकती है तो स्थानीय युवाओं के रोजगार से जुड़े ट्रैकिंग व्यवसाय को बचाने के लिए विधेयक क्यों नहीं ला सकती? 
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