उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण में संतुलन बनाने के लिए पर्यावरण विकास समितियां भी बनाई जा रही है। इससे पूर्व पुरोला के कांग्रेस विधायक राजकुमार और केदारनाथ के विधायक मनोज रावत ने कहा कि बुग्यालों में रात्रि विश्राम पर रोक का फैसला 21 अगस्त 2018 को आ गया, लेकिन सरकार ने इस फैसले के खिलाफ एसएलपी दायर नहीं की।
रात्रि विश्राम पर रोक से ट्रैकिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों का रोजगार छिन गया है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार मलिन बस्तियों को बचाने के लिए विधेयक ला सकती है तो स्थानीय युवाओं के रोजगार से जुड़े ट्रैकिंग व्यवसाय को बचाने के लिए विधेयक क्यों नहीं ला सकती?