गुरुवार को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने खनन बंदी को लेकर एक बयान दिया। उनके इस बयान के बाद हालांकि कुछ लोगों को खुशी जरूर हुई होगी लेकिन कहीं न कहीं यह हाईकोर्ट के एक्शन की अवहेलना भी मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि विकास कार्यों के लिए खनन किया जाना बेहद जरूरी है। उनकी सरकार न्यायालय का पूरा सम्मान करती है, लेकिन खनन खुलवाने के लिए न्यायालय में विशेष याचिका दायर की जाएगी। उन्होंने मठ मंदिरों के व्यापक संरक्षण की बात भी कही। सीएम ने कहा कि इस बार चारधाम यात्रा सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशिक्षित अधिकारी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
बृहस्पतिवार को कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेने हरिद्वार पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने संतों से आशीर्वाद लिया। वे कई आश्रमों गए और धर्म सत्ता को नमन किया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक भी मौजूद रहे। पत्रकारों से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी दूसरे राज्य की सरकार की कार्यप्रणाली से उनकी तुलना नहीं की जानी चाहिए।
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लिए जा रहे सख्त फैसलों की बाबत पूछे जाने पर उनका कहना था कि यूपी की परिस्थितियां अलग हैं। उनकी सरकार यहां की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेगी। राज्य में संस्कृत भाषा के उत्थान के बारे में पूछे जाने पर सीएम का कहना था कि भाजपा की पूर्ववर्ती सरकार के समय में संस्कृत को द्वितीय राजभाषा का दर्जा दिया गया था, इसी से स्पष्ट है कि भाजपा सरकार संस्कृत के उन्नयन के लिए कृत संकल्प है।