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बाघ और गुलदार की तरह अब बंदर के काटने से घायल होने वालों को भी मुआवजा देगी सरकार

Thu, 06 Dec 2018 08:31 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
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बंदर - फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश सरकार बाघ और गुलदार की तरह बंदर के काटने पर भी मुआवजा देगी। प्रश्नकाल के दौरान उठी इस मांग पर वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने सदन में यह आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में डेढ़ से दो लाख बंदर हैं, जिन्हें पकड़ने के लिए विभाग वन पंचायतों की मदद लेगा।

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उन्होंने कहा कि 12168 वन पंचायतों को इसके लिए बाकायदा फंड उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें स्थानीय लोगों को बंदर पकड़ने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। बंदर पकड़कर स्थानीय लोगों को रोजगार भी उपलब्ध होगा। 

वे सदन में भाजपा विधायक चंदन राम दास के प्रश्न और उससे उत्पन्न अनुपूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। इस दौरान भाजपा विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन ने पूछा था कि क्या सरकार बंदरों के काटने पर भी मुआवजा देगी। वन मंत्री के इसके उत्तर में कहा कि विभाग बंदरों के काटने पर भी धनराशि देगा।
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नील गाय को मारने की अनुमति को उन्होंने संवेदनशील मसला बताया। अलबत्ता उन्होंने जंगली सुअर को मारने की नेशनल वाइल्ड लाइफ से अनुमति मिलने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग पिछले दो साल से अनुमति का इंतजार कर रहा था, जो अब प्राप्त हो चुकी है। 

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उन्होंने कहा कि बंदर पकड़ने के लिए विभाग अभी तक वृंदावन और मथुरा की टीमों पर निर्भर है। उन्हें एक बंदर पकड़ने का 300 से 400 रुपये देना पड़ता है। यह काफी महंगा पड़ता है। विभाग अब तक 14,000 बंदर पकड़ चुका है, लेकिन 500 की ही फेमिली प्लानिंग हो पाई है। उन्होंने कहा कि इस समस्या का दीर्घकालिक समाधान निकालना होगा। लेकिन अब वन पंचायतों की मदद से बंदरों को पकड़ने की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए वन पंचायतों को फंड दिया जाएगा और वहां विभाग की ओर से बंदरों को पकड़ने की ट्रेनिंग कार्यक्रम शुरू होंगे। 

कहां खो गई मुख्यमंत्री की घोषणा
हर जनपद में बंदरों के बाड़े बनाए जाने की मुख्यमंत्री की घोषणा के जवाब में जब वन मंत्री ने कहा कि ऐसी कोई घोषणा नहीं हुई, तो भाजपा विधायक चंदनराम दास ने बताया कि गैरसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने यह घोषणा की थी। मंत्री का कहना था कि उन्होंने मुख्यमंत्री घोषणा प्रकोष्ठ और विभाग से जो जानकारी ली, उसमें इस घोषणा का जिक्र नहीं था। अब ऐसे यह प्रश्न खड़ा हो गया है कि यदि चंदनराम दास सही हैं तो मुख्यमंत्री की घोषणा कहां खो गई?

हरक जी, आप पर उम्र लागू नहीं होती
एक प्रश्न का उत्तर देने से पहले वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने भाजपा विधायक चंदन रामदास को उनके प्रश्न पर यह कहकर चुटकी ली कि उम्र का तो ख्याल रखा करो यार। चंदन रामदास भी कहां चुप रहने वाले थे, उन्होंने भी उसी चुटीले अंदाज में जवाब दागा, आपके लिए उम्र लागू नहीं होती, पता है न! उनकी इस हाजिरजवाबी से सभा मंडप ठहाकों से गूंज उठा।
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