सातवें वेतन की संस्तुतियों के क्रम में संशोधित भत्तों का इंतजार कर रहे लाखों कर्मचारियों की मुराद अब पूरी हो सकेगी। पूर्व मुख्य सचिव इंदु कुमार पांडेय की अध्यक्षता में गठित वेतन समिति ने प्रदेश सरकार को संशोधित भत्तों की रिपोर्ट सौंप दी है। अब शासन इस रिपोर्ट के आधार पर वित्तीय व्यय भार का आकलन करेगा।
प्रदेश के आर्थिक हालातों को ध्यान में रखकर भत्तों का निर्धारण होगा। प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में रिपोर्ट पर अनुमोदन के बाद सरकार भत्तों की अदायगी करेगी। संयुक्त कर्मचारी परिषद के मुताबिक, सोमवार को एक मुलाकात के दौरान सचिव वित्त अमित सिंह नेगी ने दिवाली तक नये भत्तों की सौगात देने के संकेत दिए। साथ ही लंबित एरियर के भुगतान को लेकर भी सरकार की मंशा जाहिर की।
प्रदेश सरकार अपने कर्मचारियों को सातवें वेतन का लाभ पहले ही दे चुकी है। निगमों और बोर्डों में भी सातवें वेतन देने की दिशा में प्रयास शुरू हो चुके हैं। सातवें वेतन लेने के बाद कर्मचारियों की निगाहें सातवें वेतन की सिफारिशों के अनुरूप भत्तों पर लगी थी। सरकार भत्तों के निर्धारण का दायित्व वेतन समिति को सौंपा था। केंद्र सरकार की भत्तों की अधिसूचना जारी होने के बाद वेतन समिति ने भी इस महीने के आखिर तक सरकार को रिपोर्ट देने के संकेत दिये थे।
वेतन समिति के सदस्य एमसी जोशी ने शासन को रिपोर्ट सौंपे जाने की पुष्टि की है। सूत्रों की मानें तो समिति ने केंद्र सरकार की तर्ज पर ही भत्तों का निर्धारण किया है। इस रिपोर्ट के आधार पर वित्त विभाग व्यय भार का आकलन करेगा और उसके बाद मंजूरी के लिए प्रस्ताव कैबिनेट की बैठक में लाया जाएगा। इस प्रक्रिया में एक से दो महीने का समय लग सकता है। संयुक्त कर्मचारी परिषद के प्रवक्ता अरूण पांडेय के मुताबिक, सचिव, वित्त ने आश्वस्त किया कि राज्य कर्मियों के भत्तों का निर्धारण करते समय केंद्र सरकार के कार्मिकों को दिये जा रहे भत्तों की दरों से समानता रखी जाएगी।