उत्तराखंड सरकार अब शहद से 250 करोड़ की कमाई करेगा। सरकार ने इसका पूरा प्लान तैयार कर लिया है। वहीं सरकार ने मौनपालकों के लिए ऐसी योजना तैयार की है जिससे उनकी बल्लेच-बल्ले हो जाएगी।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शहद की गुणवत्ता परखने के लिए उत्तराखंड में क्वालिटी कंट्रोल लैब स्थापित करने और मौनपालकों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि के बजट को 50 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ करने की घोषणा की है। सीएम ने राज्य से शहद (मौन) का निर्यात बढ़ाकर 250 करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य दिया है। प्रदेश में अभी तक सवा सौ करोड़ का शहद निर्यात हो रहा है।
शनिवार को किसान भवन में विश्व मधुमक्खी दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय संगोष्ठी व प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री ने शुभारंभ किया। इस अवसर पर सीएम ने मौनपालकों की ओर से लगाई गई जैविक शहद की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और शहद उत्पादन की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर आर्गेनिक उत्पादों की डिमांड बढ़ रही है।
किसानों को अपने उत्पाद व परिश्रम की पहचान करने की जरूरत है। जल्द ही मौनपालकों का एक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। जिसमें वैज्ञानिक व विशेषज्ञों के सहयोग से राज्य में शहद उत्पादन बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री मौनपालन पर विशेषज्ञों के शोध पर संकलित स्मारिका का विमोचन किया।
गरीबों की योजनाओं में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार
गरीबों की योजनाओं में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार
सीएम ने कहा कि भ्रष्टाचार का सबसे ज्यादा असर गरीबों के ऊपर होता है। इसके बावजूद भी गरीब व्यक्ति भ्रष्टाचार के खिलाफ कुछ नहीं बोलता है। इस पर मैंने गरीबों की बस्तियों में जाकर सर्वेक्षण किए हैं। मुख्यमंत्री ने माना कि गरीबों के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार होता है। मुख्यमंत्री उल्लेख किया सस्ते गल्ले की दुकान में घटिया चावल मिलने की शिकायत पर सरकार ने कार्रवाई कर तीन कर्मचारियों को सस्पेंड किया। साथ ही मामले की एसआईटी जांच की जा रही है। अब राशन की दुकानों पर चावल की अच्छी क्वालिटी मिलेगी।
बहुउद्देशीय कृषि कार्यों को 2 प्रतिशत ब्याज पर एक लाख का ऋण
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के किसानों को कृषि के क्षेत्र में बहुउद्ेदशीय कार्यों के लिए 2 प्रतिशत ब्याज पर एक लाख रुपये का ऋण दिया जाएगा। इसका शुभारंभ 25 सितम्बर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्मशताब्दी दिवस पर अल्मोड़ा, पौड़ी व देहरादून जनपद से होगा। एक लाख का ऋण लेकर किसान कोई भी कृषि कार्य कर सकता है।
2022 तक किसानों की आय करेंगे दोगुनी
2022 तक किसानों की आय करेंगे दोगुनी
उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य में 2083 मीट्रिक टन शहद प्रतिवर्ष उत्पादित किया जा रहा है। 4600 किसान मौनपालन से जुड़े हुए है। उन्होंने सीएम से मौनपालन का बजट बढ़ाने और प्रदेश के ज्योलीकोट में क्वालिटी कंट्रोल लैब स्थापित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य में मौनपालन के अतिरिक्त ऐरोमेटिक, आर्गेनिक चाय तथा जड़ी-बूटी, फ्लोरीकल्चर के क्षेत्र में भी किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश सरकार वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।
प्रदेश के प्रगतिशील मौनपालकों को किया सम्मानित
प्रदेश में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रत्येक जनपद से एक-एक प्रगतिशील मौनपालक को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। जिसमें बागेश्वर से पुष्कर सिंह, चंपावत से हरीश चंद्र जोशी,चमोली से कुंवर सिंह बिष्ट, देहरादून से सुबोध कुमार ढौंडियाल, हरिद्वार से संजीव सैनी, नैनीताल से नरेंद्र सिंह रावत, पौड़ी से रणधीर सिंह चौहान, पिथौरागढ़ से दुर्गा सिंह धामी, रुद्रपयाग से रुकमणि देवी, टिहरी से विजेंद्र सिंह पंवार, उत्तरकाशी से दिनेश चंद्र भट्ट को सम्मानित किया गया।