स्मार्ट सिटी को लेकर कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल और देहरादून के महापौर विनोद चमोली के बीच फिर जुबानी जंग छिड़ गई है। दरअसल पूरा मामला तब शुरू हुआ जब स्मार्ट सिटी की तीसरी लिस्ट से भी देहरादून का नाम बाहर होने पर मेयर विनोद चमोली ने सरकार पर कमजोर प्रस्ताव केंद्र में भेजने का आरोप लगाया था। जिस पर जवाब देते हुए राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल ने कहा कि स्मार्ट सिटी मामले पर मेयर केवल राजनीति कर रहे हैं। जो काम उन्हें करने थे उसके लिए भी राज्य सरकार को दोषी ठहरा रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि मेयर ने मुझसे या विधायक राजकुमार से एक बार भी वार्ता नहीं की। करीब 10 साल से मेयर होने के बावजूद कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था तक नहीं कर पाए। शहर में नालियां चोक हैं, उनको खुलवाने के लिए भी सीएम को कहना पड़ रहा है।
मैंने कहा कि फॉगिंग मशीन खरीदने को मैं विधायक निधि से पैसा दूंगा। लेकिन निगम ने एक बार भी मुझसे नहीं कहा। राजनीति करेंं लेकिन राज्य के हित से जुड़े मुद्दों पर नहीं। समाधान निकालने के बजाय खुद अनशन की बात कह रहे हैं। अनशन समाधान नहीं है, इसके लिए काम करना होगा।
मेयर ने किया पलटवार
कैबिनेट मंत्री के आरोपों पर पलटवार करते हुए मेयर विनोद चमोली ने कहा कि खेल और वन विभाग के कार्यक्रमों में भी खेल मंत्री को नगर निगम की खामियां नजर आती हैं। अगर शहर की सफाई कि इतनी चिंता है तो मुख्यमंत्री से कहकर शीशमबाड़ा सॉलिड वेस्ट प्लान्ट का शिलान्यास करवाएं।
विनोद चमोली ने कहा कि स्मार्ट सिटी के प्रस्ताव पर विधायकों की बैठक से दिनेश अग्रवाल खुद नदारद थे। एमडीडीए नोडल एजेंसी थी। उनसे पूछे कि कंपनी ने दून को आपदा प्रभावित क्यों बताया।