1. रोड सेफ्टी ऑडिट
राज्य सरकार को लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग की 12299 किमी सड़कों का रोड सेफ्टी ऑडिट कराना है। 9928 किमी सड़क का सेफ्टी ऑडिट हो चुका है। 2370 किमी मार्ग का रोड सेफ्टी ऑडिट होना है। ऑडिट में सड़कों के सुधारीकरण को लेकर जो उपाय सुझाये जा रहे हैं, उन्हें ठीक करने के लिए बजट की आवश्यकता है।
2. प्रदेश में लोनिवि, एनएच, एनएचएआई, डीसीआईएल और बीआरओ की सड़कों पर 1929 दुर्घटना आशंकित क्षेत्र चिह्नित किए गए हैं। इनमें से 976 पर सुधारीकरण हो सका है। 953 का सुधारीकरण बाकी है।
3. ब्लैक स्पॉट होने हैं दुरस्त
सड़कों पर बार-बार दुर्घटनाओं के जिम्मेदार 139 ब्लैक स्पॉट चिह्तिन हैं, जिनमें से 71 का ही दीर्घकालीन सुधार हो पाया है। 68 ब्लैक स्पॉट पर अभी काम होना है। इसके लिए बजट की दरकार है।
सड़कों पर 50 प्रतिशत ब्लैक स्पॉट दुरस्त किए जा चुके हैं। कई बार नए-नए ब्लैक स्पॉट सामने आ जाते हैं। हिमालय में दलदला पहाड़ है। अतिवृष्टि के कारण ऐसे ब्लैक स्पॉट जल्दी जल्दी बनते हैं। हमारा अधिक से अधिक ब्लैक स्पॉट को शीघ्रता से सुधारने पर जोर है।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री