मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत
- फोटो : फाइल फोटो
प्रदेश सरकार सीधी भर्ती के पदों में आरक्षण रोस्टर में बदलाव को लेकर कैबिनेट के फैसले का परीक्षण करेगी। इसके साथ ये भी देखेगी कि पदोन्नति में आरक्षण के मामले में गठित इरशाद हुसैन आयोग की रिपोर्ट का प्रकाशन न हो पाने के क्या कारण है। भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल के मुताबिक, यह आश्वासन बुधवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दिया।
बुधवार को विधायक कर्णवाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से राज्य सचिवालय में मुलाकात की। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में पदोन्नति में आरक्षण के मुद्दे पर कहा गया कि वर्ष 2012 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने पदोन्नति में आरक्षण समाप्त करने के न्यायालय के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर नहीं की। आदेश लागू किया और इंदु कुमार पांडेय समिति की रिपोर्ट को किनारे कर इरशाद हुसैन आयोग बना दिया।
इस आयोग की रिपोर्ट प्राप्त होने पर भी षड्यंत्र के तहत आंकड़ों के विश्लेषण के लिए उच्चस्तरीय समिति बना दी गई, जो असंवैधानिक था। आयोग की रिपोर्ट विधानसभा के पटल पर भी नहीं रखना, पदोन्नति में आरक्षण देने के अदालत के फैसले के खिलाफ सरकार के रिव्यू में जाना और कैबिनेट की बैठक में सीधी भर्ती के पदों पर एससी व एसटी का रोस्टर क्रमांक बदलकर छठे स्थान पर करना एक पक्षीय और अमानवीय फैसला है। इससे एससी व एसटी के लोगों में भारी असंतोष है। कर्णवाल के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने सभी मामलों के परीक्षण का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में एससी एसटी इम्प्लाइज फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष करम राम, पूर्व सेवानिवृत्त डीएसपी व भाजपा नेता जगराम सिंह, उत्तराखंड वाल्मीकि अंबेडकर महासभा के प्रदेश अध्यक्ष आशीष छाछर, विशाल कुमार, धर्म सिंह, करता राम आदि शामिल रहे।
हरकी पैड़ी में रविदास मंदिर का होगा सौंदर्यीकरण
मुख्यमंत्री ने ये आश्वासन भी दिया की हरकी पैड़ी स्थित संत शिरोमणी सतगुरु रविदास मंदिर का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
भाजपा सबका साथ सबका विकास तथा वंचित वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। हाल ही में हुए फैसलों से वे सभी आहत हैं। सरकार को पदोन्नति में आरक्षण और आरक्षण रोस्टर के कैबिनेट के फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।
- देशराज कर्णवाल, विधायक, भाजपा