प्रदेश को करीब 783 लाख रुपये की मदद सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत अभी तक मिली है। इससे सबसे अधिक मदद स्वास्थ्य (486 लाख रुपये) के क्षेत्र में है।
इसके अलावा शिक्षा और आजीविका में 213 लाख रुपये, पर्यावरण, पशुपालन और संरक्षण में एक करोड़, ग्राम्य विकास में 22 लाख, तकनीकी क्षेत्र में 54 लाख रुपये की मदद मिली है। साफ है कि सरकार को सबसे कम मदद पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में ही कंपनियों से मिली है।
बजट में भी अलग से होगा प्रावधान
शासन ने यह भी फैसला किया है कि जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने के लिए अलग से धनराशि की व्यवस्था की जाएगी। बजट में इसके लिए अलग से मुख्य शीर्ष बनाया जाएगा। इसके साथ ही विभागों को भी कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने लिए योजनाओं को बनाते समय उनका अलग से बजट प्रावधान करें।