महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग ने एक साल के दौरान महिलाओं सेहत का ख्याल रखने वाली योजनाओं का आगाज करने के साथ-साथ उनको आर्थिक रुप से मजबूत बनाने के लिए एक फीसदी ब्याज पर एक लाख रुपये की ऋण उपलब्ध कराने की योजना शुरू की। योजना का लाभ चार लाख महिलाओं को दिए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से नंदा-गौर योजना नाम से राज्य में बालिकाओं के लिए नई योजना शुरू की गई। इस योजना के अंतर्गत 863 लाभार्थियों को लाभांवित किया गया। गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना राज्य में लागू की गई, इस योजना का लाभ 12143 लाभार्थियों को प्राप्त हो चुका है। कन्या भ्रूण हत्या को रोकने और महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार हेतु दो माह की गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण आंगनबाड़ी केंद्र पर किए जाने का शासनादेश जारी किया जा चुका है। महिला एवं किशोरियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के मद्देनजर राज्य में सेनिटरी नैपकिन योजना का तहत उत्पाद यूनिट नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और बागेश्वर में शुरू हो चुका है। अन्य जनपदों में इस तरह की यूनिट स्थापित की जाएगी।
पर्वतीय जनपदों में पाई जाने वाली राज्य की एकमात्र मान्यता प्राप्त बद्री गाय की दुग्ध उत्पादन क्षमता में वृद्धि हेतु एक हजार बद्री गायों में फील्ड परफारमेंस रिकॉर्डिंग योजना संचालित की जा रही है। गाय एवं भैंस की नस्ल सुधार कर उनकी दुग्ध उत्पादकता में वृद्धि करने हेतु कृत्रिम गर्भधान कार्यक्रम को बढ़ावा दिया जा रहा है। केंद्र सरकार के मिशन ब्लू रिवोल्यूशन के तहत 2022 तक मत्स्य उत्पादन एवं मत्स्य पालकों की आय को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
पिछले एक साल के दौरान महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास , पशुपालन और मत्स्य विभाग में कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। विभाग का जोर महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देकर पालयन रोकने पर है। आने वाले दिनों में इसका सकारात्मक परिणाम दिखाई देगा।
- रेखा आर्या, राज्यमंत्री महिला कल्याण एवं बाल विकास, पशुपालन और मत्स्य
प्रदेश सरकार में पिछले एक साल के दौरान वित्त विभाग ने कई ऐसे फैसले लिए जिन्हें वित्त मंत्री प्रकाश पंत बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखते हैं। उनकी निगाह में वित्त विभाग की सबसे बड़ी उपलब्धि प्रदेश में वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) को तय समय पर लागू करना है। बकौल वित्त मंत्रीए जीएसटी लागू होने के बाद इसके दूरगामी परिणाम राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत फ ायदेमंद साबित होंगे।
पिछले एक वर्ष के दौरान वित्त विभाग ने जीएसटी के बाद दूसरा बड़ा कदम पेट्रोलियम उत्पादों से सेस हटाने को लेकर उठाया। वित्त मंत्री के मुताबिक सेस हटाए जाने का सीधा लाभ आम जनता को हुआ। उनकी मानें तो सरकारी सामान की खरीद और कार्यों के आवंटन प्रक्रिया को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए सरकार ने अधिप्राप्ति नियमावली में संशोधन किए। उन्होंने कहा कि संशोधित नियमावली में अब 25 लाख रुपये से ऊपर तक की धनराशि के कार्यों की ई-टेंडरिंग होगी। सरकारी सामान की खरीद गर्वमेंट ई मार्केट (जेम) से जोड़ा गया है।
इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और पारदर्शिता सुनश्चित होगी। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करना और एरियर व बोनस का भुगतान किए जाने को भी वित्त विभाग अपनी बड़ी उपलब्धि के तौर पर देख रहा है। वित्त मंत्री के मुताबिक, पिछली सरकार ने जिन वित्तीय स्थितियों में यह राज्य दिया, वे बहुत अच्छी नहीं थी। इसके बावजूद प्रदेश सरकार ने अपने कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ दिया और अवशेष एरियर का भुगतान किया। इसके अलावा वित्त विभाग ने रिफार्म के क्षेत्र में कुछ अहम कदम उठाए। कोषागारों को आनलाइन कि या और ऑडिट को भी नए वित्तीय वर्ष से आनलाइन करने की तैयारी पूरी की। सरकारी भूमि के सर्किल रेट संशोधित कर कई स्थानों पर भूमि की दरों में एकरूपता लाने का प्रयास किया।
एक साल के दौरान विभाग में रिफार्म, परफार्म और ट्रांसफार्म के सिद्धांत पर काम किया गया। हमारी यही कोशिश रही कि सरकारी तंत्र में समयबद्धता और उत्तरदायित्व की भावना में बढ़ोत्तरी हो। जनभागीदारी से राज्य का विकास की दिशा तय करना हमारा उद्देश्य है। बजट पर आम लोगों की राय लेकर इसकी शुरुआत की गई। हमारा लक्ष्य संकल्प से सिद्धी तक पहुंचने का है।
- प्रकाश पंत, वित्त मंत्री
पर्यटन के क्षेत्र में पिछले एक साल में राज्य सरकार नई संभावनाओं पर काम करती दिखी। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज चार धाम के यात्रा के अलावा अन्य कई धार्मिक, पर्यटन यात्राओं की सिलसिलेवार सफलता को बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखते हैं। बकौल-महाराज, पर्यटन, धर्म और संस्कृति के क्षेत्र में नई संभावनाओं पर काम शुरू कर दिया है। इसके दूरगामी परिणाम सामने आएंगे।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज का कहना है कि चारधाम यात्रा में पिछली बार 25 लाख से ज्यादा तीर्थयात्री उत्तराखंड आए। रिकार्ड यात्रियों के आने से सुरक्षित उत्तराखंड का संदेश पूरी दुनिया में गया है। कैलाश मानसरोवर यात्रा में एक हजार से ज्यादा यात्री शामिल हुए। सरकार ने दीनदयाल ग्रामीण पर्यटन योजना (होम स्टे) को लांच किया है, जो कि आने वाले दिनों में पर्यटन के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी। इससे पर्यटन बढे़गा और आजीविका के नए क्षेत्र खुलेंगे। मातृ पितृ तीर्थाटन योजना शुरू करके सरकार ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है।
वहीं भगवती सर्किट बनाने के बाद दुर्गा देवी के मंदिरों को पूरे देश में नए सिरे से एक्सपोजर मिला है। महाभारत समेत अन्य कई धार्मिक सर्किट बनाने के लिए काम शुरू कर दिया गया है। महाराज के मुताबिक, वर्ल्ड टूरिज्म मार्केट में उत्तराखंड का दमदार प्रतिनिधित्व हुआ है, जिसमें बाद देशभर के 40 खास डेस्टिनेशन में ऋषिकेश भी शामिल हुआ है। इसके अलावा योग फेस्टिवल और बीटल्स फेस्टिवल का अच्छा संदेश गया। साथ ही औली-गौरसों के साथ नए स्कीइंग डेस्टिनेशन पर काम किया गया। जिम कार्बेट पार्क के नार्थ गेस्ट को ओपन कर दिया है। हर जिले में टूरिज्म के नए डेस्टिनेशन खोलने की तैयारी की गई है।
उत्तराखंड में पर्यटन की खास संभावनाओं के बीच सरकार ने नए क्षेत्रों की तलाश का काम शुरू किया है। पर्यटन संबंधी गतिविधियों का उत्तराखंड और उससे बाहर विदेश में जाकर भी प्रचार किया गया है। इसके उत्साहजनक नतीजे सामने आए हैं और भविष्य के लिए नई संभावनाएं जग रही हैं।
-सतपाल महाराज, पर्यटन मंत्री
वन विभाग ने पिछले एक साल में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की है। कोटद्वार से कार्बेट पार्क में घूमने का विकल्प देने के साथ ही मालसी जू देहरादून में थ्री-डी थियेटर की शुरुआत की गई है। इन योजनाओं का उद्देश्य पर्यटकों को घूमने के नए विकल्प देने के साथ स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है।
वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत के अनुसार कार्बेट पार्क में घूमने के लिए सबसे ज्यादा मारामारी रहती है। ऐसे में वन विभाग ने कोटद्वार क्षेत्र से भी कार्बेट पार्क में घूमने के लिए मैदावन और पाखरो दो गेट खोले हैं। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार भी उपलब्ध हुआ है। इसके अलावा देहरादून में मालसी चिड़ियाघर में दर्शकों के लिए थ्री-डी थियेटर से लेकर फिश एक्वेरियम भी तैयार किया गया है। नरेंद्रनगर वन प्रभाग के अंतर्गत ऋषिकेश में गंगा वाटिका पार्क भी तैयार किया गया है। राज्य में पर्यटन की गतिविधियों को बढ़ावा देने को पांच इको टूरिज्म सर्किट की कोटद्वार से शुरुआत की गई है। इसके अलाव बर्ड फेस्टिवल का दायरा लगातार बढ़ रहा है। इस बार 12 देशों से पक्षी प्रेमी बर्ड फेस्टिवल में शामिल होने के लिए पहुंचे। डॉ. रावत के अनुसार इसके अलावा उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा नियमावली-2016 में संशोधन किया गया है। इसमें आयु (28 साल) और शैक्षिक योग्यता (सभी वर्ग से इंटर) में कर दिया गया है। अब ज्यादा आवेदक परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। वन पंचायतों को मजबूत करने के लिए डेढ़ करोड़ रुपये जारी करने से लेकर जल संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं।
जो 17 सालों में नहीं हुआ वो एक साल में किया-सुबोध उनियाल
उत्तराखंड राज्य में कृषि व उद्यान के क्षेत्र में जितना काम सरकार ने एक साल में किया है। उतना काम पिछले 17 सालों में आज तक नहीं हुआ है। कृषि और औद्यागिकी के लिए करोड़ों की योजनाएं तैयार कर क्रियान्वित किया। इसे कृषि एवं उद्यान मत्री सुबोध उनियाल किसानों की डबल इनकम करने की दिशा में सबसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं। कृषि मंत्री का कहना है कि वर्ष-2022 तक प्रदेश के किसानों की आय दोगुनी करना सरकार का लक्ष्य है। इसे साकार करने के लिए कृषि व औद्यानिकी पर फोकस कर एक साल में कई फैसले लेने के साथ योजनाओं को लागू किया गया। प्रदेश में 1500 करोड़ की योजना से 10 हजार आर्गेनिक कलस्टर बनाए जाएंगे। 700 करोड़ की एकीकृत औद्यानिकी विकास परियोजना मंजूर की गई। आधुनिक उपकरण से खेतीबाड़ी करने के लिए सभी 670 न्याय पंचायत पर फार्म मशीनरी बैंक (एफएमबी) बनाने का फैसला लिया है। इसमें 370 एफएमबी की प्रक्रिया शुरू हो गई। अतिवृष्टि से सेब व अन्य बागवानी फसलों को होने वाले नुकसान को फसल बीमा योजना के अधीन लाया गया।
चाय की खेती को बढ़ावा देने के लिए 50 करोड़ व रेशम कीट पालन के लिए 7 करोड़ बजट का प्रावधान कर किसानों को जोड़ने का लक्ष्य बढ़ाया गया। फ्लोरीकल्चर को बढ़ावा देेने को चारधाम यात्रा रूट के चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी जिला के गांवों में कलस्टर आधारित फूलों की खेती शुरू की जाएगी। कृषि उत्पादन एवं मार्केटिंग एक्ट में फ्लोरीकल्चर को नोटिफाइड किया गया। ताकि पुष्प उत्पादकों को मार्केटिंग की सुविधा मिल सके। पहली बार राज्य में एकीकृत आदर्श कृषि गांव (आईएमए विलेज) योजना को शुरू किया गया। टिहरी के गजा में माली प्रशिक्षण संस्थान खोलने के साथ केंद्र से रदद किए गए कोल्ड चेन योजना के 68 करोड़ के चार प्रस्तावों को मंजूरी दिलाई गई। किसानों की समस्याओं का समाधान को न्याय पंचायत स्तर चौपाल करने, कृषि व उद्यान विभाग के सभी अधिकारियों को एक-एक गांव गोद लेने का फैसला एक साल में लिया है।
नगर निकायों की हालत सुधारने के लिए पिछले एक साल में कई कदम उठाए गए। सरकार ने बजट की कमी नहीं होने दी, तो निकायों का दायरा बढ़ाने के लिए असाधारण फैसले किए गए। शहरी विकास और आवास मंत्री मदन कौशिक का मानना है कि शहरों पर एक खास दृष्टिकोण के चलते काम किया गया है। ये सबसे बड़ी उपलब्धि है।
कौशिक के अनुसार, राजीव आवास योजना के अंतर्गत छह नगर निकायों को लगभग 3000 आवासों के निर्माण के लिए 49 करोड़ का बजट दिया गया है। यूआईडीएसएमटी योजना में 57 करोड़ और अवस्थापना मद से लगभग 22 करोड़ रुपये निकायों को देने के बाद निकायोें की हालत सुधरी है। शहरी विकास मंत्री के अनुसार, स्वच्छ भारत मिशन योजना को लांच किया गया है, जिसके अंतर्गत 500 करोड़ की योजनाएं संचालित की जा रही है। सौ नगर निकायों को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। दून को इसी एक साल में स्मार्ट सिटी का दर्जा मिलने के बाद उस पर कार्रवाई चल रही है।
सरकार ने जनपद हरिद्वार के रुड़की नगर निगम क्षेत्र में सॉलिड वेस्ट से विद्युत उत्पादन के लिए 1000 करोड़ की योजना पीपीपी पर देने की कार्रवाई शुरू की है। आवास मंत्री के अनुसार, उत्तराखंड आवास नीति और रियल एस्टेट रेग्युलेशन एक्ट को लागू किया गया है। इसके अलावा, दून में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट में ढांचे के गठन पर प्रगति हुई है। एकल आवासीय भवनों के नियमितीकरण के लिए वन टाइम सेटेलमेंट योजना लागू की गई है। सभी स्थानीय विकास प्राधिकरणों के स्थान पर जिला विकास प्राधिकरण बनाने का फैसला किया गया है, जो कि सुनियोजित विकास सुनिश्चित करेंगे।
शहरों को लेकर हमारा दृष्टिकोण एकदम साफ है। केंद्र सरकार की मदद से शहरों की दशा सुधारने के लिए पिछले एक साल में काफी काम हुए हैं। उपलब्धियों की लंबी फेहरिस्त है। हम कह सकते हैं कि पांच साल के सरकार के कार्यकाल के दौरान शहरों की सूरत पूरी तरह से संवर जाएगी।
- मदन कौशिक, शहरी विकास और आवास मंत्री