हर विभाग को बजट की करनी होगी व्यवस्था
प्रत्येक विभाग को अपने बजट में से निगरानी एवं मूल्यांकन प्रणाली के लिए अलग से धन की व्यवस्था करनी होगी।
हर विभाग में बनेगा एक प्रकोष्ठ
प्रत्येक विभाग में एक निगरानी एवं मूल्यांकन प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। प्रकोष्ठ विभागीय योजनाओं की सतत निगरानी और उनका मूल्यांकन करेगा।
विषय विशेषज्ञों की ली जाएगी मदद
मूल्यांकन एवं निगरानी प्रणाली में सरकार वित्त, अवस्थापना, पर्यटन, कृषि, ग्रामीण विकास समेत विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की मदद लेगी।