अध्यादेश लाने की यह बताई जा रही है वजह
सैनिक कल्याण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 2001 से अब तक राज्य के 267 सैनिक देश के लिए अपनी शहादत दे चुके हैं। जबकि इससे पहले के शहीद परिवारों की संख्या 1756 है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इससे सरकार पर बहुत अधिक वित्तीय भार पड़ रहा है। इन शहीद सैनिक परिवारों को यह सहायता राशि दी गई तो देश की आजादी से लेकर अब तक के शहीद परिवार भी इसकी मांग करने लगेंगे।
शहीद सैनिक आश्रितों को 10 लाख की सहायता राशि के लिए शासनादेश और एक्ट में यह व्यवस्था है कि 5 मार्च 2014 या इसके बाद के शहीद आश्रितों को सहायता राशि दी जाएगी, लेकिन हाईकोर्ट ने इससे पहले के आश्रितों को भी सहायता राशि देने का आदेश कर दिया। एक्ट में संशोधन के लिए अध्यादेश लाया जाएगा।
- दीपेंद्र चौधरी, सचिव सैनिक कल्याण