दुर्व्यवहार के दोषियों के प्रवेश पर रहेगी रोक
शासन ने जारी एसओपी में कहा, दुर्व्यहार के दोषियों के प्रवेश पर रोक के लिए सुरक्षा चौकी पर एक औपचारिक नो-एंट्री फोटो युक्त पंजिका दी जाए। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात के लिए पहले से समय लेना होगा। ऐसा न करने वालों को प्रवेश द्वार से लौटा दिया जाएगा।
जन शिकायतों की सुनवाई के लिए समय होगा तय
विभागाध्यक्षों की ओर से जन शिकायतों की सुनवाई के लिए समय तय किया जाएगा। निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ अधिकतम तीन लोग ही प्रवेश कर सकेंगे। सुरक्षा कर्मी अपने शस्त्र नहीं ले जा सकेंगे। जो प्रतीक्षालय में ही रुकेंगे।
प्रवेश द्वार और कक्षों में लगेंगे सीसीटीवी कैमरे
प्रवेश द्वार और कक्षों में सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। वहीं, अधिकारियों की डेस्क के नीचे एवं रिसेप्शन में गुप्त साइलेंट पैनिक अलार्म लगाए जाएंगे। यदि कोई घटना होती है तो क्षेत्र को सील किया जाए। वहीं, विवेचना निरीक्षक के स्तर से की जाए।
आगंतुकों के लिए तय होगी आचार संहिता
विभाग यह तय करेंगे कि आगंतुकों के लिए आचार संहिता बनेगी। वहीं, विभागीय सचिव के अनुरोध पर गृह सचिव, निदेशालय व उच्च जोखिम वाले कार्यालयों के वार्षिक सुरक्षा ऑडिट के लिए पुलिस मुख्यालय को निर्देश देंगे।