वित्त विभाग ने प्रदेश के निकायों के लिए 14वें वित्त आयोग के तहत घोषित अनुदान की पहली किस्त के 93.54 करोड़ रुपये जारी कर दी है। यह राशि केंद्र की ओर से 16 नवंबर को जारी कर दी गई थी।
निकायों को इस धनराशि का उपयोग नागरिक सुविधाओं के विकास, जल निकासी, स्वच्छता, आपदा प्रबंधन, स्ट्रीट लाइट के रखरखाव आदि के लिए करना है। वित्त ने यह स्पष्ट कर दिया है कि 16 नवंबर से 15 दिन के अंदर ही निकायों को यह धनराशि भेज दी जाएगी।
ऐसा न होने पर रिजर्व बैंक की ब्याज दर से शहरी विकास विभाग को प्रतिदिन के हिसाब से ब्याज भरना होगा। वित्त ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि 31 मार्च 2020 तक निकायों को उपयोगिता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना होगा।
किसको कितना मिला (करोड़ में)
देहरादून नगर निगम 14.0942
ऋषिकेश 3.8212
हरिद्वार 4.9323
रुड़की 5.2854
हल्द्वानी 4.4981
काशीपुर 4.2014
रुद्रपुर 4.4062
कोटद्वार 1.0939
नगर पालिकाएं 40.2093
नगर पंचायत 11.0021
गौशालाओं का निर्माण तुरंत शुरू करने का आदेश
वित्त विभाग ने प्रदेश के दस स्थानीय निकायों को गौशालाओें के निर्माण के लिए जारी की गई 2.05 करोड़ रुपये की धनराशि का उपयोग समय से कर लेने की हिदायत भी दी है। वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक गौ सदन के निर्माण के बाद इनका निरंतर संचालन किया जाएगा और रिपोर्ट हर माह की दस तारीख को वित्त विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी। वित्त की ओर से निकायों को कहा गया है कि चौथे वित्त आयोग ने पांच साल के लिए संस्तुतियां की थीं।
यह अवार्ड पीरियड 2020-21 में समाप्त हो जाएगा। ऐसे में इस पैसे का उपयोग न हुआ तो यह बजट लैप्स हो जाएगा। आयोग ने कुल मिलाकर 4.0774 करोड़ रुपये के बजट की व्यवस्था करने की संस्तुति की थी। इसमें से 2.05 करोड़ रुपये नगर पालिका मसूरी, पिथौरागढ़, नगर पंचायत पुरोला, नगर निगम हरिद्वार, नगर पालिका कर्णप्रयाग, नगर निगम कोटद्वार, काशीपुर, देहरादून और रुड़की, नगर पंचायत पोखरी के लिए जारी किए थे।