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उत्तराखंड: यूपी की राह पर चलने की तैयारी में है सरकार, तैयार किया कर्मचारियों के भत्तों में कटौती का प्रस्ताव

Fri, 08 May 2020 06:35 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • विरोध में हैं कर्मचारी संगठन, मुख्य सचिव को सौंपेंगे ज्ञापन
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- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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आर्थिक संकट का सामना कर रही उत्तराखंड सरकार ने कर्मचारियों के कुछ भत्तों में कटौती के प्रस्ताव को फिलहाल रोक दिया है। सरकार ने उत्तर प्रदेश सरकार की तर्ज पर भत्तों में कटौती का प्रस्ताव तैयार किया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, प्रस्ताव उच्च स्तर पर मंजूरी के लिए भेजा जा चुका है, लेकिन इस पर अभी निर्णय नहीं हुआ है। इधर, प्रस्ताव भेजे जाने की भनक लगने के बाद से कर्मचारी संगठनों ने विरोधी तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं।

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उत्तराखंड सचिवालय संघ और राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने भत्तों में कटौती का विरोध करने की चेतावनी दी है। परिषद जल्द मुख्य सचिव को इस संबंध में ज्ञापन सौंपेंगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने 24 अप्रैल को अपने कर्मचारियों के आधा दर्जन भत्तों में कटौती का आदेश जारी किया था। ये आदेश कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन के कारण राजस्व में आई कमी के कारण लिया गया। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि यूपी सरकार ने भत्तों में कटौती शुरू कर दी है। इधर, उत्तराखंड सरकार भी आर्थिक समस्या के समाधान तलाशने में जुटी है।

महंगाई भत्ता फ्रीज करने के बाद अब वित्त विभाग ने यूपी की तर्ज पर कुछ भत्तों में कटौती करने का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। यूपी में जिन भत्तों पर कैंची चली है, उनमें नगर प्रतिकर, सचिवालय पुलिस व उनके संगठनों का विशेष भत्ते, लोनिवि व सिंचाई के इंजीनियर का रिसर्च, अर्दली व डिजाइन भत्ता शामिल है। इसी तरह का प्रस्ताव वित्त विभाग ने यहां तैयार किया है। ये प्रस्ताव मंजूरी के लिए उच्च स्तर पर गया है।

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सूत्रों के अनुसार, मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री की स्वीकृति का इंतजार है। इधर, प्रस्ताव की भनक लगने पर सचिवालय संघ के सचिव राकेश जोशी ने सचिव वित्त अमित सिंह नेगी से मुलाकात की और कर्मचारियों का भत्ता न काटे जाने का अनुरोध किया। जोशी के मुताबिक, सचिव ने आश्वस्त किया है कि भत्तों में कटौती नहीं की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, वित्त विभाग ने फिलहाल प्रस्ताव रोक दिया है।

मुख्य सचिव से मामला उठाएगी परिषद : पांडेय
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद मुख्य सचिव से मिलकर महंगाई भत्ता फ्रीज करने और भत्तों में संभावित कटौती का मामला उठाएगी। परिषद के प्रदेश कार्यकारी महामंत्री अरुण पांडेय ने कहा कि कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन से राजस्व में आई कमी के लिए सरकार को आय के लिए दूसरे उपाय करने चाहिए। उन्होंने चेताया कि सरकार ने यदि कर्मचारियों के लाभ में किसी भी तरह की कटौती की तो उसका कड़ा विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही परिषद मुख्य सचिव को ज्ञापन भेजेगी, जिसमें उनसे किसी भी तरह की कटौती न करने का अनुरोध किया जाएगा।
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