प्रदेश सरकार की ओर से लिए गए कर्ज का हिसाब देखा तो यह कर्ज भी प्रदेश की योजनाओं के खाते में कम ही जा रहा है। कैग रिपोर्ट के मुताबिक कर्ज का अधिकतम 40 प्रतिशत ही विकास योजनाओं के काम आ रहा है। बाकी का हिस्सा पूर्व में लिए गए उधार और ब्याज के भुगतान में जा रहा है। साफ यह कि नई संपत्ति न होने से इस कर्ज से सरकार को रिटर्न न के बराबर मिल रहा है।
कब-कब कितना करना है वापस
वर्ष ब्याज मूल
0-1 2171 1464
1-3 4178 2651
3-5 3861 4482
5-7 3370 6233
7-10 2283 9350
राजस्व के मोर्चे पर दोहरी चुनौती
केंद्र की ओर से जीएसटी में हो रहे नुकसान की भरपाई 2022 तक होगी। प्रदेश सरकार का अनुमान है कि जीएसटी के नुकसान की भरपाई 2025 तक हो जाए तो राज्य को जीएसटी के कारण नुकसान नहीं होगा। इसका कारण यह भी है कि जीएसटी में राज्य का हिस्सा काफी बढ़ चुका होगा। दूसरी ओर, हाल ही में सामने आए आर्थिक सर्वे से यह साफ जाहिर है कि प्रदेश में राजस्व (वेतन, पेंशन, ब्याज, भत्ते) खर्च तेजी से बढ़ रहा है।
यह पाया गया है कि प्रदेश में राजकोषीय घाटे (कुल आय में से कुल खर्च घटाने पर बची राशि, घाटा इसलिए कि खर्च अधिक है और आय कम) में अधिकतर हिस्सा राजस्व खर्च का है। साफ है कि प्रदेश सरकार के सामने राजस्व बढ़ाने, राजस्व खर्च कम करने की दोहरी चुनौती है।