यहां बता दें कि समन्वय समिति के आह्वान पर 31 जनवरी को प्रदेश भर में कर्मचारी बड़ी संख्या में सामूहिक अवकाश पर रहे थे। इससे पहले कार्मिक विभाग ने काम नहीं तो वेतन नहीं के सिद्धांत के तहत कार्रवाई करने को कहा था। साथ ही कर्मचारियों के अवकाश पर रोक भी लगा दी गई थी। इस बीच वार्ता के बाद वित्त मंत्री प्रकाश पंत की अपील पर समन्वय समिति ने चार फरवरी को घोषित महारैली स्थगित कर दी। आंदोलन टलने के बाद उन सभी कर्मचारियों को जनवरी महीने का वेतन नहीं पहुंचा, जो सामूहिक अवकाश पर रहे थे।
मैंने अपर मुख्य सचिव कार्मिक को वेतन के संबंध में समाधान निकालने के निर्देश दे दिए हैं। कार्मिक विभाग ने काम नहीं तो वेतन नहीं का आदेश निकाला था। वहीं से इसका समाधान होगा।
-प्रकाश पंत, वित्त मंत्री
समन्वय समिति ने वित्त मंत्री से मुलाकात कर कर्मचारियों का वेतन रोके जाने की शिकायत की, जिस पर उन्होंने अपर मुख्य सचिव वित्त और निदेशक कोषागार को निर्देश जारी किए। हमें आशा है कि मंगलवार को कर्मचारियों का वेतन जारी हो जाएगा।
- दीपक जोशी, संयोजक, उत्तराखंड अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक समन्वय समिति।
समझौते के बावजूद कर्मचारियों का वेतन रोकना व कारण बताओ नोटिस जारी करना अनुचित है। इसका विरोध किया जाएगा।
- नवीन कांडपाल, संयोजक, समन्वय समिति
वित्त मंत्री ने कर्मचारियों का पूरा वेतन जारी करने के आदेश दे दिए हैं। यदि कार्रवाई नहीं हुई तो फिर आगे की रणनीति पर विचार होगा।
- राकेश जोशी, संयोजक, समन्वय समिति