प्रदेश में विभिन्न आयोगों के पास अधिकार न होने से उन आयोगों से संबंधित समस्याओं का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। इसे देखते हुए सरकार अब आयोगों को मजबूत करने जा रही है।
अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष डा.आरके जैन के मुताबिक आयोग के पास अधिकार न होने से कई बार समस्याएं निस्तारित नहीं हो पा रही हैं। आयोग को कुछ अधिकार देने के संबंध में मुख्यमंत्री से वार्ता हुई है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए नियमावली में संशोधन का आश्वासन दिया है।
अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्षा डा.आरके जैन के मुताबिक आयोग के पास समन जारी करने के अलावा कोई अधिकार नहीं है। आयोग की मंशा है कि उसके पास आने वाली सभी समस्याओं का शत प्रतिशत निस्तारण हो, लेकिन आयोग के पास अधिकार न होने से ऐसा नहीं हो पा रहा है। अधिकारी आयोग के समन को गंभीरता से नहीं लेते। आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आयोग को मजबूत बनाने पर सहमति दी है।
आयोग के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से कहा है कि सूचना के अधिकार अधिनियम की तर्ज पर आयोग को अधिकार देकर मजबूत बनाया जाए। इससे आयोग को जुर्माना लगाने का अधिकार मिल सके। सूत्रों के मुताबिक यही हाल प्रदेश के अन्य आयोगों का भी बना है। एससी एसटी आयोग, राज्य मानवाधिकार आयोग, बाल अधिकार आयोग, सेवा का अधिकार आयोग के पास पर्याप्त अधिकार न होने से समस्याओं का निस्तारण नहीं हो पा रहा है।