नोटबंदी के साइड इफेक्ट्स को लेकर उत्तराखंड शासन एक्शन मोड में आ गया है। राज्य सरकार ने लोन की इक्यूवेटेड मंथली इंस्टॉलमेंट(ईएमआई) जमा करने में छूट की समयावधि को मार्च 2017 तक बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया है।
इस मांग को लेकर राज्य के कई कर्मचारी संघ मुख्य सचिव से मिले थे। इस संबंध में मुख्य सचिव एस. रामास्वामी ने रिजर्व बैंक के अधिकारियों को पत्र लिखने को कहा है। उन्होंने तात्कालिक राहत के लिए बैंकों में ट्रांजेक्शन कटौती घटाकर 0.5 फीसद करने को कहा है। साथ ही आमजन को एटीएम और व्यापारियों को पीओएस के इस्तेमाल को लेकर जागरूकता शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं।
लगातार दूसरे दिन मुख्य सचिव ने विमुद्रीकरण से उत्पन्न हालातों की समीक्षा की। बृहस्पतिवार को सचिवालय में उन्होंने आरबीआई और एसबीआई के अधिकारियों की बैठक में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुद्रा लोन की समीक्षा करते हुये उन्होंने अधिकारियों को ज्यादा से ज्यादा कैंप लगाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे मुद्रा लोन के मामलों में बढ़ोत्तरी हो सकेगी। उन्होंने बैंकों को सभी प्लान मैनजरों को राज्य की वित्त पोषित योजनाओं से जोड़ने पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि रोजगार और प्रशिक्षण से जोड़ने के उद्देश्य से राज्य और केंद्र की कई अहम योजनाएं संचालित हो रही हैं। बैंकों की सक्रियता से इन योजनाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों को मिल सकता है। विमुद्रीकरण के कारण लोन की ईएमआई जमा करने में हो रही दिक्कतों को देखते हुए उन्होंने 30 दिन की छूट को नाकाफी बताया।
उन्होंने निर्देश दिए कि इस संबंध में उनकी ओर से केंद्र को एक पत्र भेजा जाए। मुख्य सचिव ने बैंकों के ट्रांजिक्शन में 1.5फीसद की कटौती को भी उन्होंने घटाकर 0.5 फीसद करने का सुझाव दिया और इस संबंध में भी पत्र लिखने के निर्देश दिए। उन्होंने एटीएम के इस्तेमाल को लेकर जागरूकता अभियान चलाने का सुझाव दिया।
उन्होंने प्वांइट ऑफ सेल पीओएस के इस्तेमाल को लेकर भी जागरूकता की दिशा में बैंकों को पहल करने और पीओएस की संख्या बढ़ाने के लिए भी बैंक अधिकारियों को पत्र लिखने को कहा।
केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार सभी तरह के बिलों के ऑनलाइन भुगतान की कवायद में जुट गई है। लेकिन इस व्यवस्था को लागू करने से पहले सरकार का जोर इंटरनेट बैकिंग के प्रति जागरूकता पैदा करने पर है। इसके लिए बृहस्पतिवार को मुख्य सचिव ने लीड बैंक एसबीआई के उच्चाधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने जनसेवा से जुड़े महकमों को होने वाले बिलों के ऑनलाइन भुगतान पर जोर दिया है। राज्य में बिजली, पानी, आवास, सीवर के बिलों का भुगतान ऑनलाइन करने की व्यवस्था है। लेकिन उपभोक्ताओं के लिए ये एक विकल्प के तौर पर है। वे नकद भुगतान भी कर सकते हैं।
पहली जनवरी से कई और विभाग ई पेमेंट से जुड़ जाएंगे। यही नहीं स्कूलों, कॉलेजों की फीस भी ऑनलाइन जमा होगी। पहले चरण में जनसेवा से जुड़े सभी नगर निकाय, जल संस्थान, जल निगम, ऊर्जा निगम, एमडीडीए, साडा, जिला पंचायत, पंचायती राज विभाग, पर्यटन विभाग, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, संभागीय विभाग में ई-पेमेंट शुरू किया जाएगा।