बता दें कि सचिवालय में अफसर जो कारें इस्तेमाल कर रहे हैं, उनमें पीली नंबर प्लेट के बजाए सफेद प्लेट चल रही है। कहा जा रहा है कि कुछ अधिकारियों को यह गवारा नहीं है कि वह टैक्सी में बैठकर जाएं।
टैक्सी में पीली के बजाय सफेद नंबर प्लेट के मामले में शासन ने जानकारी मांगी है। राज्य संपत्ति विभाग ने टैक्सी सेवा में लगी सभी कारों की डिटेल सेवा प्रदाता से मांगी है। यह भी देखा जा रहा है कि इन वाहनों का टैक्स भी समय से जमा हो रहा है या नहीं।
दरअसल, सचिवालय में अफसर जो कारें इस्तेमाल कर रहे हैं, उनमें पीली नंबर प्लेट के बजाए सफेद प्लेट चल रही है। कहा जा रहा है कि कुछ अधिकारियों को यह गवारा नहीं है कि वह टैक्सी में बैठकर जाएं। लिहाजा, गुपचुप तरीके से इनकी प्लेट बदल दी गई है। यह टैक्सियां टीबी-1, टीबी-2 नंबर वाली हैं।
विज्ञापन
अमर उजाला ने बुधवार के अंक में यह मुद्दा उठाया तो राज्य संपत्ति विभाग ने इसे गंभीरता से लिया है। अपर सचिव राज्य संपत्ति प्रताप शाह ने सभी टैक्सी की जानकारी सेवा प्रदाता से मांगी है। उन्होंने यह जानकारी भी मांगी है कि इन टैक्सियों का टैक्स जमा है या नहीं। आखिरी टैक्स कब जमा हुआ था। अमर उजाला से बातचीत में प्रताप शाह पहले ही कह चुके हैं कि अगर कोई टैक्सी है तो वह पीली नंबर प्लेट में ही चलेगी। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत ही संचालन किया जाएगा।
शहर में गलत नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर चलाई जा रही टैक्सियों पर आरटीओ देहरादून प्रवर्तन के स्तर से कार्रवाई की जा सकती है। बुधवार को आरटीओ प्रवर्तन सुनील कुमार के निर्देशों पर शहर में अभियान चलाया गया। शहर में चल रही ऐसी टैक्सियों का चालान किया गया। हालांकि सचिवालय के बाहर अभियान नहीं चल पाया।