उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन प्रदेश सरकार पर अवमानना का केस करेगी। इसके लिए एसोसिएशन की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में एक अवमानना याचिका दाखिल की जाएगी। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक जोशी ने बुधवार को यह एलान किया। उन्होंने कहा कि सरकार सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आने के बाद भी प्रमोशन पर से रोक न हटाकर न सिर्फ कर्मचारियों का अहित कर रही है बल्कि न्यायालय की अवमानना भी कर रही है।
हड़ताल पर नहीं लगी रोक, हड़ताली कर्मियों में भरा जोश
जनरल ओबीसी कर्मचारियों की बेमियादी हड़ताल पर रोक लगाने का फैसला उच्च न्यायालय ने प्रदेश सरकार के विवेक पर छोड़ा है। हड़ताल पर कोर्ट से रोक का फैसला न आने से हड़ताली कर्मचारी खासे उत्साहित नजर आए। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे नेताओं ने इसे जनरल ओबीसी कर्मचारियों के संघर्ष की जीत बताया।
कर्मचारी करेंगे कार्य बहिष्कार, संघ व परिसंघ रहेंगे तटस्थ
प्रमोशन में आरक्षण के विरोध में चल रही बेमियादी हड़ताल में बृहस्पतिवार से आवश्यक सेवाओं से जुड़े जनरल ओबीसी कर्मचारी कार्य बहिष्कार कर सकते हैं। स्वास्थ्य, बिजली, पानी, नगर, रोडवेज से जुड़े कर्मचारी महासंघ व उनमें शामिल संघ-परिसंघ तटस्थ रहेंगे। इन अति आवश्यक सेवाओं से जुड़े संगठनों ने बेमियादी हड़ताल को अपना नैतिक समर्थन दिया है। कुछ संगठनों के खुलकर हड़ताल में शामिल होने की घोषणा के अलावा कुछ संगठनों ने निर्णय कर्मचारियों पर छोड़ दिया है।
22 मार्च को फिर होगा सीएम आवास कूच
एसोसिएशन ने 22 मार्च को एक बार फिर मुख्यमंत्री के सरकारी आवास तक रैली निकालने का फैसला किया है। सभी जनरल ओबीसी कर्मचारी अपने अपने घरों के आसपास की कॉलोनियों और मोहल्लों में लोगों को आरक्षण को लेकर जागरूक करेंगे और उन्हें आंदोलन में शामिल करेंगे। इसके तहत 14 व 15 मार्च को अवकाश के दिन इसकी शुरुआत की जाएगी।
15 मार्च को अपराह्न तीन बजे सभी जिलों में कर्मचारी जिला इकाई के निर्धारित मार्ग के अनुसार दोपहिया वाहन रैली निकालेंगे। 17 मार्च को सभी कर्मचारी अपने अपने परिवार के सदस्यों के साथ धरना स्थल पर जाकर धरना देंगे।