त्यूनी प्लासू परियोजना की जन सुनवाई के लिए राज्य पर्यावरण एवं प्रदूषण बोर्ड ने आदेश भी जारी कर दिया है। सिंचाई विभाग पहले ही जन सुनवाई के लिए 75 हजार रुपये जमा कर चुका है। वर्तमान में पर्यावरण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इस शुल्क को बढ़ाकर एक लाख रुपये कर चुका है। आदेश के मुताबिक जन सुनवाई अगस्त तक हर हाल में पूरी होनी है।
टीएचडीसी के विनिवेश पर कांग्रेस में उबाल
देहरादून। टीएचडीसी के विनिवेश को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का एलान किया है। कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा है कि करोड़ों का मुनाफा कमाने वाली कंपनी को बेचकर प्रदेश की जनता को धोखा दिया गया है। प्रदेश के लोगों ने इस बांध को बनाने के लिए पूरे एक शहर की कुर्बानी दी। अगर यह फैसला वापस नहीं लिया गया तो कांग्रेस आंदोलन छेड़ने के लिए मजबूर होगी।
किशोर उपाध्याय ने देवी देवताओं को जगाने का एलान किया
देहरादून। टीएचडीसी के विनिवेश के खिलाफ पहले से ही मुखर रहे कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि वे मामले में अपने विरोध को मरते दम तक जारी रखेंगे। प्रदेश सरकार इस बात को नहीं समझ पा रही है कि कुछ सालों बाद केंद्र सरकार के इस फैसले से राज्य को भारी नुकसान होगा। 25 साल बाद यह परियोजना पूरी तरह से प्रदेश सरकार के हाथ में होती क्योंकि यह प्रदेश की जमीन पर बनी हुई है।
अब परियोजना की समस्त संपत्ति का स्वामी एनटीपीसी को जाएगा। केंद्र सरकार ने अपने विनिवेश के लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रदेश के लोगों के साथ धोखा किया है। वे इसके विरोध में टिहरी जाएंगे और लोगों से कहेंगे कि बांध नहीं बचा पाए तो लोक देवताआें को तो बचाओ। गंगा के पानी पर भी लोगों का हक नहीं रह पाएगा।
धरने पर बैठे थे हरीश रावत
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत टीएचडीसी के विनिवेश के विरोध में एक बार टीएचडीसी के ऋषिकेश स्थित मुख्यालय में धरने पर भी बैठ चुके हैं। बीते दिनों सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कंपनी के विनिवेश से साफ इनकार किया था और कहा था कि हरीश रावत को सपना आता है और वे धरने पर बैठ जाते हैं।