जंगल का क्षेत्रफल बढ़ा, गुणवत्ता गिरी
अध्ययन में वन क्षेत्र में मामूली बढ़ोतरी दर्ज होने के बावजूद वैज्ञानिकों ने जंगलों के विखंडन और गुणवत्ता में गिरावट को गंभीर चिंता बताया है। जंगलों का कृषि, बस्तियों और बंजर भूमि में बदलना वन्यजीवों के आवास और उनके बीच संपर्क को प्रभावित कर रहा है। इससे जैव विविधता पर दबाव बढ़ता है। जंगलों का निर्माण और कृषि क्षेत्र में बदलना भूस्खलन, बाढ़ और मृदा कटाव की संवेदनशीलता बढ़ा सकता है। शोधकर्ताओं के अनुसार, जलवायु परिवर्तन से तापमान और बारिश के पैटर्न में बदलाव इन जोखिमों को और बढ़ा सकता है।
अब रियल टाइम निगरानी और वैज्ञानिक प्लानिंग पर जोर
शोधकर्ताओं ने भूमि उपयोग में तेजी से हो रहे बदलाव को देखते हुए रिमोट सेंसिंग, जीआईएस और एआई आधारित मॉडल के इस्तेमाल के साथ रियल टाइम निगरानी की जरूरत बताई है। उनका कहना है कि केवल उपग्रह आंकड़ों पर निर्भर रहने के बजाए मैदानी सर्वेक्षण और स्थानीय समुदायों की जानकारी को भी शामिल किया जाना चाहिए। साथ ही शहरी विस्तार को नियंत्रित करने, संवेदनशील क्षेत्रों में संरक्षण आधारित भूमि उपयोग तय करने और भूस्खलन व बाढ़ की आशंका वाले वाटरशेड की विशेष निगरानी की जरूरत है।