हर घर फौजी की कहावत को चरितार्थ करते हुए एक बार फिर उत्तराखंड ने सेना को जांबाज देने में अपनी बादशाहत कायम की है।
इस बार आईएमए की पीओपी में प्रदेश के 29 युवा पासआउट होकर सेना में अफसर बनेंगे। जनसंख्या के हिसाब से यह आंकड़ा अन्य राज्यों के मुकाबले सबसे ऊपर है। प्रदेश गठन के बाद से उत्तराखंड नंबर वन की पोजिशन पर कायम है।
इंडियन मिलिट्री एकेडमी (आईएमए) की पासिंग आउट परेड से इस बार कुल 469 जेंटलमैन कैडेट्स पासआउट होंगे। सबसे अधिक 74 जीसी उत्तर प्रदेश के हैं। संख्या के हिसाब से हरियाणा के 67 जीसी पासआउट होंगे। उत्तराखंड, बिहार और राजस्थान के 29-29 जीसी पासआउट होंगे। पंजाब और केरल के 28-28 जीसी पासआउट होंगे।
आंध्र प्रदेश के नौ, असम के पांच, चंडीगढ़ के 3, छत्तीसगढ़ के 6, दिल्ली के 23, गुजरात का 1, गोवा के 2, हिमाचल प्रदेश के 12, जम्मू-कश्मीर के 16, झारखंड के 7, कर्नाटक के 11, मध्यम प्रदेश के 20, महाराष्ट्र के 24, मणिपुर के 8, मेघालय का 1, नागालैंड का 1, उड़ीसा के 2, तमिलनाडु के 12, तेलंगाना के 7, त्रिपुरा का 1, पश्चिमी बंगाल के 12 जीसी पासआउट होकर सेना का हिस्सा बनेंगे। इन राज्यों में जनसंख्या के हिसाब से देखें तो उत्तराखंड से पासआउट होने वाले जीसी की संख्या सबसे ऊपर है।