मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में प्रदेश में निर्मित होने वाली फिल्मों की शूटिंग में शुल्क को समाप्त किया गया है। इससे प्रदेश में फिल्मांकन के प्रति फिल्म निर्माताओं एवं निर्देशकों का रुझान बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद इस दिशा में आगे बढ़ रही है। एफटीआई पुणे के सहयोग से परिषद द्वारा आगामी जून एवं जुलाई-2018 में स्थानीय युवाओं के लिए आकर्षक सर्टिफिकेट कोर्स शुरू कराए जा रहे हैं।
राज्य में कई भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद भी उत्तराखंड राज्य सरकार द्वारा किए गए सकारात्मक प्रयासों की सराहना राष्ट्रीय स्तर पर की गई है। प्रतिवर्ष दिए जाने वाले इस पुरस्कार के लिए सभी राज्यों से आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं, जिसके बाद पुरस्कार चयन हेतु गठित समिति द्वारा पुरस्कार के लिए राज्यों का चयन किया जाता है।
डॉ. पांडेय ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के इस पुरस्कार के लिए उत्तराखंड का चयन हम सभी के लिए गौरव की बात है। इस अवसर पर उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के नोडल अधिकारी के.एस चौहान भी उपस्थित रहे।