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उत्तराखंडः शिक्षा मंत्री का ड्राइवर बताकर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों ठगे, दो गिरफ्तार

Mon, 17 Feb 2020 08:35 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • आईएसबीटी पर 50 हजार की किश्त देने के बहाने बुलाकर पकड़ा
  • सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 4.30 लाख रुपये ठगने का आरोप
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दो युवकों को आईएसबीटी के पास गिरफ्तार किया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पुलिस ने शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय का ड्राइवर बताकर कई लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में दो युवकों को आईएसबीटी के पास गिरफ्तार किया है। आरोपी पांच लाख में से बकाया 50 हजार रुपये की किश्त लेने आए थे। इन दोनों ने पीड़ित पक्ष को सरकारी विभाग में ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर यह रकम ठगी थी। 

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सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर प्रदेश में ठगी की घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। बड़ी बात यह है कि सचिवालय और दूसरे आला अफसरों के नामाें का सहारा लेकर बेरोजगारों को ठगा जा रहा है।

ताजा मामले में प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय का ड्राइवर बताकर कई लाख रुपये हड़पे गए हैं। उधम सिंह नगर के किच्छा निवासी रवि कुमार ने पुलिस को बताया कि उसका छोटा भाई शुभम बेरोजगार है। मेरे मुंह बोले मामा दिलीप कुमार उर्फ बबलू ने छोटे भाई अरविंद कुमार निवासी बरोटी वाला विकासनगर से अगस्त 2019 में मुलाकात कराई थी। 

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अरविंद कुमार ने खुद को शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय का ड्राइवर बताया था। अरविंद ने छोटे भाई शुभम की पंचायती विभाग में टाइपिस्ट की नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। इसके लिए करीब पांच लाख रुपये का खर्च की बात कही। अरविंद को पहले तीन लाख रुपये नकद और बाद में एक लाख 30 हजार रुपये बैंक खाते में स्थानांतरित किए।

इसके बाद बार-बार कहने के बावजूद आरोपी ने न तो नौकरी लगवाई और न ही ऐसा कोई दस्तावेज दिया। इसके विपरीत अरविंद 50 हजार रुपये की आखिरी किश्त देने का दबाव बना रहा था। आरोपी ने सोमवार को आईएसबीटी पर रकम लेकर आने को कहा था। शक होने पर पीड़ित पक्ष ने पुलिस को विश्वास में लेकर 50 हजार की रकम लेने पहुंचे अरविंद कुमार और उसके साथी दिलीप कुमार उर्फ बबलू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दोनों का चालान कर दिया है।
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शिक्षा मंत्री के पीआरओ ने पुलिस से की थी शिकायत

पीड़ित पक्ष शिकायत लेकर शिक्षा मंत्री के ऑफिस पहुंचा था, जहां पर पता चला कि आरोपी अरविंद सफेद झूठ बोल रहा है। शिक्षा मंत्री के पीआरओ ने एसपी सिटी श्वेता चौबे से बात कर पूरे मामले में कार्रवाई का अनुरोध किया था। एसपी चौबे ने पटेलनगर और आईएसबीटी पुलिस को आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। पुलिस भी सुबह से इन ठगों की इंतजार में थी। 

10वीं फेल हैं दोनों आरोपी

डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि दोनों आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की जा रही है, ताकि इस नेटवर्क से जुडे़ लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। सरकारी नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले दोनों आरोपी खुद 10वीं फे ल हैं। विश्वास कायम करने को आरोपी शिक्षा मंत्री के नाम का इस्तेमाल करते थे। यह बेहद गंभीर मामला है, तह तक जाकर कार्रवाई की जाएगी। 

आवेदन और परीक्षा बिना कैसे लगेगी नौकरी

सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की घटनाओं पर अंकुश लगाने को पुलिस कई बार एडवाइजरी जारी कर चुकी है। बावजूद इसके लोग झांसे में आकर ठगी का शिकार बन रहे है। एसपी सिटी श्वेता चौबे का कहना है कि लगातार प्रचार किया जा रहा है कि आवेदन और परीक्षा के बिना सरकारी नौकरी मिलना संभव नहीं है। कम से कम से अपने स्तर से इस बात की पुष्टि करा ली जाए कि क्या संबंधित विभाग में भर्ती चल रही है या नहीं। तहकीकात किए बिना ही लोग ठगों को मुंह मांगी रकम उपलब्ध करा रहे हैं। यह बात सर्वविदित है कि चोर दरवाजे से सरकारी नौकरी मिलना नामुमकिन है।
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