राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष और पूर्व सीएम हरीश रावत ने नौ नवंबर को राज्य स्थापना दिवस पर नौ संकल्पों का दांव खेला है। इसके लिए उन्होंने चार दिन पहले एक फोन नंबर जारी कर लोगों से सुझाव भी आमंत्रित किए थे।
कई संदेश देने की कोशिश
नौ नवंबर को हरीश रावत नौ संकल्प जारी कर लोगों की भावनाओं को छूने के साथ समाज की बेहतरी के लिए कई संदेश देने की कोशिश की है। उनके संकल्पों में उत्तराखंडियत को उच्च मापदंडों की ओर ले जाने के साथ उत्तराखंडी उत्पादों की बात है तो गाय लेकर भाषा के विकास और लोक संस्कृति के उन्नयन का मंत्र भी है। हरीश ने अपने इन नौ संकल्पों में कहीं न कहीं लोगों के दिलों को छूने की कोशिश की है। जिसे उनके एक चुनावी दांव के तौर पर देखा जा रहा है।
यह हैं नौ संकल्प:
1. अपने कुल उपयोग व उपभोग की वस्तुओं का 30 प्रतिशत भाग उत्तराखंडी उत्पादों का खरीदूंगा।
2. अपने दैनिक व्यवहार में 15 प्रतिशत उपयोग, गढ़वाली, कुमाऊंनी जौनसारी व रंग भाषा के शब्दों, मुहावरों व कविताओं का करूंगा।
3. लोक संस्कृति पक्ष के उन्नयन के लिए समर्पित भाव से पहले से अधिक उत्साह से काम करूंगा।
4. एक गाय को पालूंगा या उसके पालन का खर्चा अपनी निजी आय से पालनकर्ता को दूंगा।
5. असिंचित खेती वाले एक गांव को चयनित कर उसे स्वावलंबी गांव के रूप में विकसित करूंगा।
6. प्रतिदिन न्यूनतम दो घंटे लोगों से मिलूंगा। माह में न्यूनतम 50 घंटे जन मिलन को समर्पित करूंगा।
7. मेरी सोच व कृतित्व का 60 प्रतिशत हिस्सा रोजगार मूलक उत्तराखंडियत को समर्पित होगा।
8. कुल अर्जित धन का 50 प्रतिशत भाग दानी देवी मेमोरियल ट्रस्ट को जाएगा, जिसका उपयोग आर्थिक रुप से असहाय महिलाओं व स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक सहयोग में जाएगा।
9. प्रतिमाह पांच नए लोगों को कांग्रेस का सदस्य बनाऊंगा व रचनात्मक कार्यों व सोच के साथ अपने निकटस्थ लोगों को जोडूंगा।