देश की सैन्य शक्ति में उत्तराखंड की अहम भूमिका है। आकार में छोटा और आबादी कम होने के बावजूद उत्तराखंड जनसंख्या घनत्व के लिहाज से हर साल सबसे अधिक सैन्य अधिकारी देता है। यहां औसतन हर परिवार से एक सैनिक देश की सुरक्षा में तैनात हैं।
आजादी से पहले से लेकर आज तक जितने भी युद्ध हुए हैं, उनमें उत्तराखंड के जांबाजों ने हमेशा अपनी वीरता और साहस का नमूना पेश किया है। सेना के प्रति उत्तराखंड में बेहद सम्मान और अपनापन है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार और अमर उजाला सैन्य सम्मेलन का आयोजन करने जा रहे हैं।
शाम को गूंजेंगे कुमार विश्वास के देशभक्ति तराने
सैन्य सम्मेलन के समापन अवसर पर मशहूर कवि डॉ. कुमार विश्वास देशभक्ति के भावों से भरे गीत और कविताओं की प्रस्तुति देंगे। वह अपनी रचनाओं से मौजूद दर्शकों को देशभक्ति के रंगों से सराबोर करेंगे। कुमार विश्वास की देशभक्ति रचनाओं को श्रोता खूब पसंद करते हैं।
चार सत्र में अलग-अलग विषयों पर होगा मंथन
सैन्य सम्मेलन में उद्घाटन समेत कुल पांच सत्र आयोजित किए जाएंगे। सुबह 11 से दोपहर 12 बजे तक पहले सत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा : चुनौतियों के बदलते आयाम विषय पर संवाद होगा। दोपहर 12 से एक बजे तक दूसरे सत्र में आंतरिक सुरक्षा और सुरक्षा बलों का प्रशिक्षण व आधुनिकीकरण विषय पर विशेषज्ञ परिचर्चा करेंगे। तीसरे सत्र में सैनिक कल्याण एवं सेवानिवृत्ति के बाद गरिमा और अंतिम सत्र में देश की सुरक्षा में उत्तराखंड का योगदान विषय पर संवाद किया जाएगा।