उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव राकेश शर्मा भी सरकारी आवास पर काबिज हैं। गौरतलब है कि प्रमुख मुख्य सचिव का पद और आवास छोड़ने के बाद गढ़ी कैंट स्थित सरकारी आवास पर काबिज हो गए, जो अभी तक नहीं छोड़ा।
पूर्व मुख्यमंत्रियों और दून से बाहर तैनात अधिकारियों को आवास खाली करने का नोटिस भेजने वाला राज्य संपत्ति विभाग इसको लेकर चुप्पी साधे हुए हैं। राज्य संपत्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि राकेश शर्मा जिस आवास पर काबिज हैं। उसे अभी राज्य संपत्ति विभाग को हैंडओवर नहीं किया गया है।
गौरतलब है कि मुख्य सचिव के रूप में रिटायर होने के बाद राकेश सरकार को प्रदेश सरकार ने प्रमुख मुख्य सचिव के पद से नवाजा था। उनकी गिनती मुख्यमंत्री हरीश रावत के करीबी माने जाने अधिकारियों में होती थी। बदलती र्हुई परिस्थितियों में राकेश शर्मा ने मार्च-2016 में अपना पद छोड़ दिया था और कुछ महीने बाद सरकारी आवास भी छोड़ दिया। कम लोगों को मालूम है कि एक सरकारी आवास छोड़कर वे गढ़ी कैंट स्थित सरकारी आवास पहुंच गए।
गढ़ी कैंट स्थित पर्यटन निदेशालय के कैंपस में मुख्य सचिव और अपर मुख्य सचिवों के लिए आवास का निर्माण किया गया है। हालांकि अभी यह आवास राज्य संपत्ति विभाग को हैंडओवर नहीं किया गया है। इस वजह से राज्य संपत्ति विभाग उनको नोटिस जारी नहीं कर रहा है। विभाग के अधिकारी दबी जुबान से यह बात कहते हैं कि आवास खाली नहीं करने की स्थिति में उनको एनओसी नहीं मिलेगी। इस मामले को लेकर भविष्य में कोई फजीहत ना हो इसको देखते हुए राकेश शर्मा खुद ही सरकारी आवास खाली करने की तैयारी कर रहे हैं।
गढ़ी कैंट में मेरे पास सरकारी आवास है। सरकारी आवास के लिए मैं पात्र हूं। रिटायरमेंट के बाद भी दो साल इस आवास में रह सकता हूं। अभी तो कुछ महीने ही हुए हैं। ऐसा भी नहीं है इसकी वजह से एनओसी मिलने में दिक्कत होगी। मैंने खुद ही आवास खाली करने का फैसला लिया है। 31 दिसंबर तक सरकारी आवास खाली कर दूंगा।
- राकेश शर्मा, पूर्व मुख्य सचिव