पिछले चार सालों से केंद्र के नियमों पर चल रही राज्य फूड प्रोसेसिंग मिशन (खाद्य प्रसंस्करण) के लिए अब प्रदेश सरकार अपनी गाइडलाइन बनाएगी। बुधवार को फूड प्रोसेसिंग मिशन की बैठक में सचिव उद्यान आर. मीनाक्षी सुंदरम ने विभागीय अधिकारियों को मिशन की गाइडलाइन का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश सरकार मिशन के अंतर्गत नए फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने और विस्तारीकरण के लिए 35 प्रतिशत या अधिकतम 75 लाख रुपये तक सब्सिडी देती है। फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने अप्रैल 2012 में नेशनल फूड प्रोसेसिंग मिशन शुरू किया। लेकिन वर्ष 2015 में केंद्र ने इस मिशन को बंद कर राज्यों को निर्देश दिए कि अपने स्तर पर इसे संचालित किया जाए।
इस पर प्रदेश सरकार ने राज्य फूड प्रोसेसिंग मिशन को शुरू किया। चार सालों से केंद्र के नियमों पर प्रदेश में मिशन को संचालित किया जा रहा है। कई कंपनियां फूड प्रोसेसिंग उद्योग लगाने की इच्छुक हैं, जिससे सरकार को मिशन की गाइडलाइन बनाने की आवश्यकता महसूस हो रही है।
सरकार की प्राथमिकता प्रदेश में कृषि और बागवानी फसलों पर आधारित फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की है। इससे किसानों को कृषि उत्पाद का उचित मूल्य मिल सकेगा। बुधवार को सचिवालय में हुई बैठक में सचिव उद्यान आर. मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि मिशन को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए विभाग शीघ्र ही गाइडलाइन का प्रस्ताव तैयार करें।