राज्य में उत्पादित सगंध तेलों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए कैप में एरोमा प्रोसेसिंग सेंटर व परफ्यूमरी प्रयोगशाला स्थापित की जा रही है। इससे किसानों को विभिन्न प्रकार के सगंध फसलों से तेल निकालने के लिए आसवन सुविधा भी उपलब्ध होगी। वहीं, सगंध तेल आधारित नए उत्पादों को तैयार किया जा सकेगा।
सगंध फसल क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) किसान उत्पादन
लेमनग्रास 700 3800 576 क्विंटल तेल
मेंथा 6000 5500 5755 क्विंटल तेल
कैमोमिल 181 1551 905 क्विंटल फूल
तेज पात 365 6201 9120 क्विंटल पत्तियां
डेमस्क गुलाब 73 1250 276 क्विंटल गुलाब जल
राज्य में सगंध फसलों की खेती में अपार संभावनाएं हैं। किसान बंजर भूमि पर इसकी खेती कर ज्यादा आमदनी प्राप्त कर सकते हैं। अब किसान एरोमा की क्लस्टर खेती करने के लिए आगे आ रहे हैं। पहले जहां प्रदेश में एरोमा सेक्टर का सालाना टर्न ओवर एक करोड़ था। वहीं, अब 72 करोड़ सालाना पहुंच गया है।
- नृपेंद्र चौहान, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सगंध पौध केंद्र