15 अगस्त से उत्तराखंड सरकार किसान पेंशन योजना लागू करेगी। इसके तहत साठ वर्ष से अधिक की आयु के खुद खेती कर रहे किसानों को प्रति माह 800 रुपए दिए जाएंगे।
बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में 100-100 किसानों को 15 अगस्त से पहले-पहले चिह्नित करने को कहा है।
मुख्य सचिव के मुताबिक पर्वतीय जिलों में खेती के प्रति तेजी से रुझान घट रहा है। ऐसे में किसानों को खेती से जोड़े रखने के लिए यह योजना शुरू की जा रही है।
सीधे खाते में जाएगी रकम
15 अगस्त से इस योजना की शुरूआत की जाएगी। जिलाधिकारियों को यह भी कहा गया है कि लाभार्थी किसानों के मोबाइल नंबर और अकाउंट नंबर ले लिए जाएं।
जिन किसानों के मोबाइल नंबर नहीं है, उनके पारिवारिक सदस्यों में से किसी एक या फिर प्रधान का मोबाइल नंबर रिकार्ड में लिया जाएगा।
पेंशन सीधे किसान के खाते में भेजी जाएगी और पेंशन के जारी होते ही मोबाइल पर एसएमएस अलर्ट भेजा जाएगा। किसान पेंशन योजना की घोषणा मुख्यमंत्री हरीश रावत ने विधानसभा उपचुनाव के दौरान डोईवाला में की थी।
अभी पूरा नहीं किया गया होमवर्क
हालांकि प्रदेश सरकार की तैयारी से यह भी जाहिर हो रहा है कि अभी इस पर पूरा होमवर्क नहीं किया गया है। ऐसे में योजना की शुरूआत 100-100 किसानों से करना भी मजबूरी बन रहा है।
प्रदेश में करीब दस लाख किसान हैं और इनमें से करीब 95 प्रतिशत सीमांत किसान की श्रेणी में हैं। मतलब यह की इन किसानों के पास एक हेक्टेयर से कम की जोत है।
पर्वतीय जिलों में खेती टुकड़ों में बंटी हुई है। बंदोबस्त और चकबंदी न होने के कारण खेती का पूरा उपयोग भी किसान व्यावसायिक हित के लिए नहीं कर पा रहे हैं।