सालों से नहीं खरीदे गए नए हथियार
वन विभाग में कई सालों से नए हथियारों की खरीद नहीं हुई, जबकि वन और वन्यजीवों से संबंधित अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसा क्यों हुआ, इस संबंध में वन विभाग का कोई भी अधिकारी कुछ कहने को तैयार नहीं है।
गढ़वाल में शिवालिक वृत्त हथियारों के मामले में समृद्ध
वर्ष 2017 के आंकड़ों के अुनसार, भागीरथी वृत्त के पास 12 बोर की 14 बंदूक, 20 राइफल, दो टैंकुलाइजर गन, सात अन्य सहित कुल 43 हथियार हैं। यमुना वृत्त सर्किल के पास 12 बोर की सात बंदूक, 25 राइफल, दो टैंकुलाइजर गन, तीन अन्य सहित कुल 37 हथियार हैं। गढ़वाल वृत्त के पास पांच बंदूक, 19 राइफल, एक रिवाल्वर, दो टैंकुलाइजर गन सहित कुल 27 हथियार हैं। शिवालिक वृत्त के पास 73 बंदूक, 93 राइफल, तीन रिवाल्वर, सात टैंकुलाइजर गन सहित कुल 176 हथियार हैं।
कुमाऊं में पश्चिमी वृत्त के पास सर्वाधिक हथियार
उत्तरी कुमाऊं वृत्त में 12 बंदूक, 31 राइफल, 10 टैंकुलाइजर गन, छह अन्य सहित कुल 59 हथियार हैं। पश्चिमी कुमाऊं वृत्त के पास छह राइफल, एक रिवाल्वर, दो टैंकुलाइजर गन सहित कुल नौ हथियार हैं। पश्चिमी कुमाऊं वृत्त के पास 118 बंदूक, 101 राइफल, 27 टैंकुलाइजर गन, सात अन्य सहित कुल 253 हथियार हैं।
संरक्षित वन्यजीव पार्कों में ठीक है हथियारों की स्थिति
संरक्षित वन्यजीव क्षेत्रों में राजाजी टाइगर रिजर्व, गोविंद पशु विहा, नंदादेवी बायोस्फेयर रिजर्व और कॉर्बेट नेशनल पार्क सबसे संवेदनशील क्षेत्र हैं। इन पार्कों में मौजूद हथियारों की बात करें तो इनके पास 213 बंदूक, 266 राइफल, 36 रिवाल्वर, 23 टैंकुलाइजर गन, पांच अन्य समेत कुल 543 हथियार हैं।
विभाग के पास मौजूद हथियारों का आंकड़ा
बंदूक (12 बोर) - 442
राइफल - 561
रिवाल्वर - 41
पंप एक्शन गन/टैंकुलाइजर गन- 75
अन्य - 28
कुल - 1147
(वन विभाग की सांख्यिकी बुक में दर्ज वर्ष 2017 के के आंकड़ों के अनुसार)
वन विभाग के पास मौजूद तमाम हथियारों के लाइसेंस के बारे में हमारे पास सही जानकारी उपलब्ध नहीं है। हथियारों के रखरखाव व मरम्मत आदि को लेकर कभी कोई गाइडलाइन जारी नहीं की गई। पहली बार हम इस दिशा में काम कर रहे हैं। कई प्रभागों में उपलब्ध शस्त्रों का रखरखाव निर्धारित प्रारूप में किया जाएगा।
- डॉ. समीर सिन्हा, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक, वन विभाग