मोदी-प्रचंड की वार्ता में हुई थी दोनों पुलों पर चर्चा
जून में नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड भारत यात्रा पर आए थे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इन दोनों मोटर पुलों के निर्माण पर चर्चा हुई थी। पीएम मोदी ने प्रचंड को मोटर पुलों के निर्माण के लिए आश्वस्त किया था। इसी कड़ी में विदेश मंत्रालय ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
व्यापार में आएगी तेजी, दोनों तरफ के लोगों होगा फायदा
दोनों मोटर पुलों के निर्माण से नेपाल और भारत के बीच व्यापारिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। स्थानीय लोगों के आजीविका साधन बढ़ेंगे। नेपाल को दिल्ली के बीच व्यापारिक गतिविधियों के लिए गोरखपुर से कम दूरी तय करनी होगी। इससे समय और धन की बचत होगी। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ और चंपावत क्षेत्र में नेपाल के लोगों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे क्षेत्र की व्यापारिक और पर्यटन गतिविधियों में तेजी आएगी। नेपाल से भारत के रिश्तों को मजबूत बनाने के साथ मोटर पुल पड़ोसी मुल्क चीन के लिए एक संदेश भी होगा।