दुरुपयोग रोकने के लिए एसएनए स्पर्श मॉडल
राज्यों के धनराशि के प्रवाह पर चौकस निगरानी रखने के लिए शुरू की गई इस योजना का मुख्य ध्येय धनराशि का सही उपयोग करना और दुरुपयोग रोकना है। इस नई व्यवस्था में केंद्र सरकार के विभागों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। यानी वे जांच परख सकेंगे कि जिस उद्देश्य के लिए धनराशि का भुगतान हो रहा है, वह उसी पर खर्च हो रही है। इसके लिए केंद्र सरकार के मंत्रालय या विभाग को रिजर्व बैंक में एक विशेष खाता (एसएनए) खोलना है। राज्य सरकार राज्य के लिए घोषित हर विशेष कार्यक्रम के लिए एक नोडल एजेंसी का गठन करेगी। उसे भी आरबीआई में अपनी विशेष स्कीम के लिए एसएनए खोलना होगा। खाते में केंद्र व राज्य अपने-अपने हिस्से की धनराशि जमा करेंगे। धनराशि का जो हिस्सा उपयोग में नहीं लाया जाएगा, उसे केंद्र को लौटाने की व्यवस्था भी होगी।
केंद्र पोषित योजनाओं के तहत जो दिशा-निर्देश प्राप्त हुए हैं, हमने उन पर काम करना शुरू कर दिया है। आईएफएमएस के साफ्टवेयर में नए बदलाव किए जा रहे हैं। अभी तक योजनाओं के बिलों के भुगतान की जो प्रक्रिया थी, अब उसके ठीक विपरीत हो गई है।
- दिलीप जावलकर, सचिव वित्त