इनर लाइन परमिट के लिए तीन विभागों की बैठक
राज्य में जिन क्षेत्रों में इनर लाइन परमिट की आवश्यकता है, उसके लिए जिलाधिकारी एक प्रस्ताव शासन को भेजेंगे। इसमें ये स्पष्ट होगा कि किस गांव से कहां तक परमिट देने की जरूरत है। इसके बाद ग्राम्य विकास, पर्यटन और गृह विभाग मिलकर बैठक करेंगे। बैठक के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय को इसका प्रस्ताव भेजा जाएगा। कुछ प्रस्ताव पूर्व में गृह मंत्रालय को भेजे जा चुके हैं।
सुरक्षा बल खरीदेंगे फल, सब्जियां, दूध व अंडे
वाइब्रेंट विलेज में रहने वाले लोगों से फल, सब्जियां, दूध, अंडे, मीट आदि सामग्री को सीमा सुरक्षा बल खरीदेंगे। इसके लिए भी एक प्रस्ताव तैयार हो रहा है, जो कि जल्द ही हाई पावर कमेटी को भेजा जाएगा। अगर किसी गांव का सेना या सुरक्षा बलों के साथ कोई समस्या या मुद्दा है तो इसका प्रस्ताव भी शासन को भेजना होगा। हर वाइब्रेंट विलेज में एक ग्रोथ सेंटर भी स्थापित किया जाएगा। आईटीबीपी ने भी सभी वाइब्रेंट विलेज के लिए अपना एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिया है।
मिनी बस से जा सकेंगे वाइब्रेंट विलेज
मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने निर्देश दिए हैं कि जिन वाइब्रेंट विलेज में सार्वजनिक परिवहन की समस्या है, वहां मिनी बस का संचालन किया जाएगा। इसके लिए संबंधित जिले से प्रस्ताव परिवहन विभाग को उपलब्ध कराया जाएगा। भूमि अधिकारों से संबंधित समस्याओं का सभी जिले राजस्व विभाग के साथ समन्वय बनाकर तत्काल समाधान करेंगे। वाइब्रेंट विलेज में टेली मेडिसिन की सुविधा भी दी जाएगी।
पिछले सप्ताह वाइब्रेंट विलेज की केंद्र स्तर पर हुई बैठक में निर्देश दिए गए हैं कि हर गांव की विशेषताओं के हिसाब से एक्शन प्लान बनाकर तीन माह में मंत्रालय को उपलब्ध कराया जाए। इस पर काम शुरू कर दिया गया है। पीएम आवास के तहत दो-दो आवास देने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाएगा। इस पर केंद्र को ही निर्णय लेना है।
- नितिका खंडेलवाल, नोडल अधिकारी, वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम