इनर लाइन परमिट में दी जाएगी छूट
अभी तक पर्यटकों को सीमांत क्षेत्रों में जाने के लिए जिलाधिकारी की ओर से इनर लाइन परमिट दिया जाता है। उत्तरकाशी जिले की गंगा घाटी के दो गांव नेलांग और जादूंग 60 साल से वीरान हैं। यहीं गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान का हिस्सा भी पड़ता है। इस क्षेत्र में जाने के लिए वन विभाग से अलग से अनुमति लेनी पड़ती है। इस बात की संभावना तलाशी जा रही है कि कैसे अनुमति की इस प्रक्रिया को और सरल किया जाए।
पर्यटक आएंगे तो संसाधन भी जुटेंगे
ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग के एक अधिकारी के अनुसार, अधिकतर सीमांत गांव छह माह बर्फ से ढके रहते हैं। यहां की आबोहवा अलग है। यहां होने वाले कृषि उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ होम स्टे तैयार किए जाएंगे। नए पर्यटन स्थलों का चिन्हीकरण किया जाएगा। पर्यटन से जुड़े हर काम में स्थानीय लोगों को बढ़ावा दिया जाएगा।
सीएम धामी आज लेंगे अधिकारियों बैठक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को इस संबंध में अधिकारियों की बैठक लेंगे। ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग की ओर से योजना पर प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर हम बार्डर टूरिज्म को बढ़ावा के लिए रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सरकार चाहती है कि सीमावर्ती गांवों में फिर से रौनक लौटे, लेकिन इससे पहले वहां लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए संसाधन जुटाने होंगे। बार्डर टूरिज्म इस दिशा में कारगर नीति हो सकती है।
- डॉ. एसएस नेगी, उपाध्यक्ष, ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग।