- 504.09 किमी मार्ग पर चौड़ीकरण का कार्य पूरा
- 645.15 किमी पर चल रहा है निर्माण कार्य
- 427 किमी मार्ग से बिजली पानी की लाइनें शिफ्ट हो चुकी हैं
- 324 किमी मार्ग पर प्रोटेक्शन का कार्य पूरा हो चुका है
- 605 किमी मार्ग पर कोई व्यवधान नहीं है
- 806 किमी में से 80 प्रतिशत लंबाई पर वन भूमि हस्तांतरित की मंजूरी
- 26000 पेड़ों का कटान अब तक हो चुका है
चारधाम ऑलवेदर रोड को लेकर एक याचिका पर उच्चतम न्यायालय ने फैसला दे दिया है। अब इससे मार्ग निर्माण में पर्यावरणीय गतिरोध दूर होने की संभावना है।
- ओम प्रकाश, मुख्य सचिव
हम न्यायालय के आभारी हैं। हम लगातार यह चिंता जाहिर कर रहे थे कि मार्ग की चौड़ाई 2018 की अधिसूचना के हिसाब से तय होनी चाहिए। इससे हजारों पेड़ों को कटने से बचाया जा सकेगा। अब तो कोर्ट ने चौड़ाई की सीमा अधिकतम साढ़े पांच मीटर कर दी है। अब धरासू गंगोत्री के बीच ही 80 प्रतिशत पेड़ों की रक्षा हो जाएगी। लेकिन यह तभी संभव होगा जब कोर्ट के फैसले को ज्यों का त्यों लागू किया जाएगा। यह मार्ग हिमालयी राज्यों के एक मॉडल बनेगा।
- सुरेश भाई, पर्यावरणविद, समाज सेवी